मईया मईया शेरावाली मईया
( दुखो में बिखरी हुई जिन्दगी, दुखो में बिखरी हुई जिन्दगी,
उस वक्त सवर जाती है मुझे मेरी उम्मीद में, मुझे मेरी उम्मीद में,
जब मेरी माँ मेरी माँ, मेरी माँ नजर आती है। )
हे जगदम्बे मात भवानी तुमको नमन माँ जग कल्यानी,
थाम लो मेरी डोर भवानी ले चल सुख की ओर भवानी,
मागती है ये दुनिया एक दाती हो तुम राह असान सबकी बनाती हो तुम,
माँ...
मईया शेरा वालीये माँ ज्योतावालीये कर दे हमपे कर्म माँ पहाड़ा वालीये,
मईया शेरा वालीये माँ ज्योतावालीये मईया मईया,
आशा पुरण मईया,
मईया मईया, आशा पुरण मईया,
मईया मईया, माँ विजासन मईया,
मईया मईया, माँ विजासन मईया....
सुरज चान्द्रा और सितारे तेरी दया से रौशन सारे,
कण-कण धरती और नजारे सब पर माँ उपकार तुम्हारे,
रूप पावन तेरा महा माई हो तुम सारे ब्राहमाण्ड में समाई हो तुम,
माँ....
मईया शेरा वालीये माँ ज्योतावालीये कर दो हमपे कर्म माँ पहाड़ा वालीये,
मईया शेरा वालीये माँ ज्योतावालीये....
आस यही है मेरे मन कि खुशिया बनो माँ घर आगन कि,
और क्या माँऊ है जगजननी सेवा करू तेरे चरणन की,
है विश्वास मुझको साथ दोगी सदा मन में बंधर के ज्योती रहोगी सदा,
मईया शेरा वालीये माँ ज्योतावालीये कर दे हमपे कर्म माँ पहाड़ा वालीये,
हे जगदम्बे मात भवानी तुमको नमन माँ जग कल्यानी,
थाम लो मेरी डोर भवानी ले चल सुख की ओर भवानी,
मागती है ये दुनिया एक दाती हो तुम राह असान सबकी बनाती हो तुम,
माँ...
मईया शेरा वालीये माँ ज्योतावालीये कर दे हमपे कर्म माँ पहाड़ा वालीये,
मईया शेरा वालीये माँ ज्योतावालीये मईया मईया,
आशा पुरण मईया,
मईया मईया, आशा पुरण मईया,
मईया मईया, माँ विजासन मईया,
मईया मईया, माँ विजासन मईया....
श्रेणी : दुर्गा भजन
Maiyan Maiyan Sherowali Maiyan | Akshita Rajput | New devotional Maata bhajan 2020
“मईया मईया शेरावाली मईया” एक भावपूर्ण दुर्गा भजन है, जिसमें भक्त मां शेरावाली से अपने जीवन के दुखों को दूर करने, आशा जगाने और सुख की ओर ले जाने की प्रार्थना करता है। भजन की शुरुआत ही एक भावुक अनुभव से होती है कि जब जीवन दुखों से घिर जाता है, तब मां की उम्मीद और उनका स्मरण भक्त के जीवन को फिर से संभाल देता है। इस तरह माता को कठिन समय में सबसे बड़े सहारे के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
भजन में मां को जगदम्बे, भवानी, जग कल्याणी, शेरावाली, ज्योतावाली और पहाड़ा वाली जैसे अनेक नामों से पुकारा गया है। “थाम लो मेरी डोर भवानी, ले चल सुख की ओर भवानी” में भक्त स्वयं को माता के हाथों सौंप देता है और उनसे जीवन को सही दिशा देने की विनती करता है। “मागती है ये दुनिया एक दाती हो तुम, राह आसान सबकी बनाती हो तुम” के माध्यम से माता को सबकी आशा और कठिन रास्तों को सरल बनाने वाली करुणामयी शक्ति माना गया है।
इस भजन में माता की सर्वव्यापक शक्ति का भी सुंदर वर्णन मिलता है। “सूरज चंद्रा और सितारे तेरी दया से रोशन सारे” तथा “कण-कण धरती और नजारे सब पर मां उपकार तुम्हारे” जैसी पंक्तियां माता की शक्ति को पूरे ब्रह्मांड में व्याप्त मानती हैं। भक्त के लिए संसार का प्रकाश, प्रकृति की सुंदरता और जीवन की हर सकारात्मक शक्ति माता की कृपा से जुड़ी हुई है। “तुम सारे ब्रह्मांड में समाई हो” माता के व्यापक और दिव्य स्वरूप को दर्शाता है।
अगले अंतरे में भक्त अपनी व्यक्तिगत इच्छा और सेवा-भाव माता के सामने रखता है। वह चाहता है कि उसके घर-आंगन में खुशियां बनी रहें, लेकिन इसके साथ उसकी सबसे बड़ी इच्छा माता के चरणों की सेवा करना है। यह भाव भजन को केवल सुख की मांग से आगे ले जाकर सच्ची भक्ति और समर्पण से जोड़ता है। भक्त को विश्वास है कि मां हमेशा उसका साथ देंगी और उसके मन में भक्ति की ज्योति जलाए रखेंगी।
भजन में “आशा पूरण मैया” और “मां विजासन मैया” जैसे संबोधनों की पुनरावृत्ति माता के प्रति भक्त के विश्वास को और मजबूत करती है। बार-बार “मईया शेरा वालीये, मां ज्योतावालीये” कहना भजन में सामूहिक भक्ति और माता के जयकारे जैसा वातावरण बनाता है। भक्त मां से कर्म या कृपा करने की प्रार्थना करता है और स्वयं को उनकी शरण में रखता है।