जग घूमेया थारे जैसा ना कोई लिरिक्स Jag Ghumya Thare Jaisa Na Koi Lyrics Khatu Shyam Bhajan
ना तुम सा है दानी कोई, ना तुम सा है साथी कोई,
हो जिसको सहारा ना, श्याम उसका सहारा तू ही,
जग घुमिया ना थारे जैसा ना कोई.........
श्याम के दर पे लाता जो भी झोली खाली है,
बगिया की जिसकी बनता श्याम मेरा माली है,
छाती है बहार वहां आती खुशहाली है,
बगिया की जिसकी बनता श्याम मेरा माली है,
वो खाटू वाला श्याम जहां......
ना वहां परेशानी कोई, रहे गम कोई ना वहां,
जहां जय श्री श्याम कहीं, जय जय श्री श्याम कहना,
जग घुमिया ना थारे जैसा ना कोई........
शीश का है दानी बाबा तीन बाण धारी है,
डूबते की नैया तुमने पार उतारी है,
चरणों में रखना मुझको बाबा तुम अपने,
भक्तों के तेरे बाबा यही बस सपने,
ना तुम सा है दानी कोई, ना तुम सा है साथी कोई,
तुमसे बस यही कहना....
जग घुमिया ना थारे जैसा ना कोई,
जग घुमिया ना थारे जैसा ना कोई..........
श्रेणी : खाटु श्याम भजन
Shyam Bhajan | जग घूमेया थारे जैसा ना कोई | Jag Ghumya Thare Jaisa Na Koi | Ranjeet Jogi @Saawariya
जग घूमेया थारे जैसा ना कोई लिरिक्स Jag Ghumya Thare Jaisa Na Koi Lyrics, Khatu Shyam Ji Bhajan by Ranjeet Jogi Ji
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