क्यों रूठ गई बृषभानु लल्ली,
हमे तेरा ही इक सहारा है,
हमे तेरा ही इक सहारा है,
ऐसी कौन सी भूल हुई भारी,
ब्रिज मंडल से कर गई न्यारी,
मैं तो सदा सी चुकान हारी है,
क्यों रूठ गई बृषभानु लल्ली,
हमे तेरा ही इक सहारा है,
पर भाव शमा का तुम्हरा है,
कब किरपा करोगी मम श्यामलयु,
श्री कृष्ण पिया अली दामिनी यु,
तूने सदा ही मुझको पाला है,
आगे भी भरोसा तेरा है,
क्यों रूठ गई बृषभानु लल्ली,
हमे तेरा ही इक सहारा है,
तुम दी जियो वास वृन्दावन में,
नित झाड़ू देऊँगी कुंजन में,
तेरे चरणों में जीवन काटू गी,
तेरा धाम प्राणो से प्यारा है,
क्यों रूठ गई बृषभानु लल्ली,
हमे तेरा ही इक सहारा है,
तुम कह दो अब मैं कहा जाऊ,
किस किस की दासी कहलाऊ,
मुझ जैसे दीं अनाथो के लिए,
खुला तुम्हारा दरबार है,
क्यों रूठ गई बृषभानु लल्ली,
हमे तेरा ही इक सहारा है,
श्रेणी : कृष्ण भजन
Kyu Ruth Gayi Vrish Bhanu Lali !! क्यों रूठ गयी वृषभानु लली !! Hari Ayenge !! 2022 Krishna Bhajan
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