मेरा भी खाता खोल दे, मां अपने दरबार में ll
*जब भी मांगू, जो भी मांगू ll
*मिलता रहे उधार में, मेरा भी खाता..... जय हो lll
खोल दे, मां अपने दरबार में ll
जो कुछ भी, है शर्तें तेरी, "कागज़ पर लिखवा ले मां*" l
बेशक मुझको, गिरवी रख ले, "मुझसे साईंन करा ले मां" ll
*तां कि कोई, फर्क ना आए ll मां बेटे के प्यार में,
मेरा भी खाता....... जय हो lll
खोल दे, मां अपने दरबार में........
तूँ है साहू,कार मेरी मैं, "और कहीं क्यों जाऊं मां*" l
तुझसे ही, लेकर के पूंजी, "अपना काम चलाऊं मां" ll
*तेरे सिवा अब, कौन है मेरा ll आखिर इस संसार में,
मेरा भी खाता..... जय हो lll
खोल दे, मां अपने दरबार में........
ना अनुभव है, काम नया है, "डर नुकसान का भारी है*" l
कुछ तो गुर, सिखला दो मुझको, "चाहिए मदद तुम्हारी है" ll
*दास / रैंपी सफ़ल, हो जाए तेरा ll, अपने कारोबार में,
मेरा भी खाता...... जय हो lll
खोल दे, मां अपने दरबार में........
अपलोडर -अनिलरामूर्तीभोपाल
श्रेणी : दुर्गा भजन
मेरा भी खाता खोल दे लिरिक्स Mera Bhi Khata Khol De Lyrics, Mata Rani Bhajan, Durga Mata Bhajan, Navratri Special
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