हाल पूछ लै गरीबां दा लिरिक्स Haal Puch Lay Gareeban Da Bhajan Lyrics Durga Bhajan
सोने दे भवना अंदर वसदी... माँ,
(हाल पूछ लै गरीबां दा)
दुनिया दे ठुकराया दी फड़ लै बांह,
(हाल पूछ लै गरीबां दा)
सोने दे भवना अंदर वसदी... माँ,
हाल पूछ लै गरीबां दा......
सूलां दे माँ फर्श ते तुरके,
हर पल लंगदा ओखा,
मुद्दत हो गयी असां नु आया,
इक भी साह ना सोखा,
महा दयालु दाती जे तेरा ना,
(हाल पूछ लै गरीबां दा)
सोने दे भवना अंदर वसदी... माँ,
हाल पूछ लै गरीबां दा......
कलियों कुली काया ते चल गयी,
कर्मा दी कुल्हाड़ी,
कहर दी सूली उत्ते एह जिंद,
माड़े दिना ने चाड़ी,
धूपा अंदर मेहर दी करके छा,
(हाल पूछ लै गरीबां दा)
सोने दे भवना अंदर वसदी... माँ,
हाल पूछ लै गरीबां दा......
सुख दी खिड़ी दुपहर ते छा गए,
दुःख दे बदल काले,
लगदा तू माँ साथो लुको लए,
ज्योता दे भी उजाले,
नज़र स्वली करके माँ हुन तार,
(हाल पूछ लै गरीबां दा)
सोने दे भवना अंदर वसदी... माँ,
हाल पूछ लै गरीबां दा......
दुनिया रुसदी रुसे बेशक,
तू ना रूसी माइये,
किरपा कर निर्दोष माँ एथों,
खुशियां लैके जाईये,
श्रद्धा नाल हथ जोड़ के अर्ज़ करा,
(हाल पूछ लै गरीबां दा)
सोने दे भवना अंदर वसदी... माँ,
हाल पूछ लै गरीबां दा......
अपलोडर -अनिलरामूर्तीभोपाल
श्रेणी : दुर्गा भजन
Haal Puch Lay Gareeban Da || Gaurav Chatrath || Latest Devi Bhajan 2020 || Shri Balbir Nirdosh Ji ||
हाल पूछ लै गरीबां दा लिरिक्स Haal Puch Lay Gareeban Da Bhajan Lyrics, Durga Bhajan, by Gaurav Chatrath Ji
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