हरि सुमिरन करो सुबह शाम लिरिक्स Hari Sumiran Karo Subah Sham Bhajan Lyrics Krishna Bhajan
हरि सुमिरन करो सुबह शाम हरि जी बेड़ा पार करें,
गुरु सुमिरन करो सुबह शाम गुरु जी बेड़ा पार करें.....
हरी सुमिरो तो ऐसे सुमरो जैसे कौशल्या माई,
उसके अंगना में खेले भगवान हरि जी बेड़ा पार करें,
हरि सुमिरन करो सुबह शाम.....
हरि सुमरो तो ऐसे सुमरो जैसे शबरी बाईं,
उसकी कुटिया में आए भगवान हरि जी बेड़ा पार करें,
हरि सुमिरन करो सुबह शाम.....
हरी सुमरो तो ऐसे सुमरो जैसे मीराबाई,
उसके प्याले में आए भगवान हरि जी बेड़ा पार करें,
हरि सुमिरन करो सुबह शाम....
हरी सुमरो तो ऐसे सुमरो जैसे कर्मा बाई,
उसके खिचड़ी पे रीझे भगवान हरि जी बेड़ा पार करें,
हरि सुमिरन करो सुबह शाम.....
हरी सुमरो तो ऐसे सुमरो जैसे हरनंदी बाई,
वाके पटले पर आए भगवान हरि जी बेड़ा पार करें,
हरि सुमिरन करो सुबह शाम.....
हरी सुमरो तो ऐसे सुमरो जैसे द्रोपती माई,
भरी सभा में आए भगवान हरि जी बेड़ा पार करें,
हरि सुमिरन करो सुबह शाम.....
श्रेणी : कृष्ण भजन
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