देवी फिरत विपत की मारी लिरिक्स Devi Firat Vipat Ki Mari Hindi Bhajan Lyrics Durga Mata Bhajan
देवी फिरत विपत की मारी पंडा बोले कला बता,
देवी फिरत विपत की मारी पंडा बोले कला बता,
देखन वारे करे अचम्भा आरा आरा आरा आरा,
देवी फिरत विपत की मारी पंडा बोले कला बता,
देवी फिरत विपत की मारी पंडा बोले कला बता........
देवी माँ पर विपत बड़ी और पंडा को अपनी पड़ी है,
और पंडा को अपनी पड़ी है और पंडा को अपनी पड़ी है,
पंडा बाबा है बड़ा अड़ियल अपनी धुन में अड़ा रहा,
अपनी धुन में अड़ा रहा अपनी धुन में अड़ा रहा,
देवी फिरत विपत की मारी पंडा बोले कला बता,
देवी फिरत विपत की मारी पंडा बोले कला बता........
भाव पे भाव खेल रहा पंडा चला रहा नए नए हतकण्डा,
पंडा चला रहा नए नए हतकण्डा,
निमुआ काट के मारे मंत्र देवी माँ को जगा रहा,
देवी माँ को जगा रहा देवी माँ को जगा रहा,
देवी फिरत विपत की मारी पंडा बोले कला बता,
देवी फिरत विपत की मारी पंडा बोले कला बता.........
खेलत भाव आ गई माई पंडा को फटकार लगाई,
पंडा को फटकार लगाईंपंडा को फटकार लगाई,
संकट में जब रहूं निरंजन काम तो ऐसो करना,
काम तो ऐसो करना काम तो ऐसो करना,
देवी फिरत विपत की मारी पंडा बोले कला बता,
देवी फिरत विपत की मारी पंडा बोले कला बता........
श्रेणी : दुर्गा भजन
देवी फिरत विपत की मारी पंडा बोले कला बता \ बुंदेली देवी गीत | Bundeli Mata Bhajan | Sanjo Baghel
देवी फिरत विपत की मारी लिरिक्स Devi Firat Vipat Ki Mari Hindi Bhajan Lyrics, Durga Bhajan, by Singer: Sanjo Baghel
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