खाटू में रुकना ज़रुरी हो गया लिरिक्स Khatu Me Rukna Jaruri Ho Gaya Lyrics Khatu Shyam Bhajan
तेरे खाटू में आकर, रुकना ज़रुरी हो गया,
रुकना जरुरी हो गया, सिर झुकना ज़रुरी हो गया,
ज़रुरी था तेरे चरणों में मेरा बैठ कर रोना,
अहम में किया था जो, वो हटना भी ज़रुरी हो गया,
तेरे खाटू में आकर, रुकना ज़रुरी हो गया.....
मुझे सब याद है तुमने मुझे कैसे सँवारा था,
घिरा था जब ग़मों से मैं तेरा ही तो सहारा था,
मगर मगरूर हो कर भूल बैठा तेरी रहमत को,
समझ पाया नहीं बाबा मैं तेरी उस इनायत को,
सराहा खुद को मैंने हर घडी अपनी ही किस्मत को,
वहम के उस फलक से तो मेरा गिरना जरुरी हो गया,
तेरे खाटू में आकर, रुकना ज़रुरी हो गया....
मेरी किस्मत चली बाबा सदा तेरे इशारो पर,
फँसी जब जब मेरी कश्ती तू लाया किनारों पर,
मुझे वो ही मिला हर पल जो तुमने साँवरे चाहा,
मगर मैं चूर था अपने नशे में न समझ पाया ,
लगी ठोकर मैं तेरी चौकठ पर आया,
मेरे मगरूर पन में दुनिया का हँसना जरुरी हो गया,
तेरे खाटू में आकर, रुकना ज़रुरी हो गया.....
तेरी मरजी बिना दुनिया में पत्ता तक नहीं हिलता,
मैं समझा हूँ मगर बाबा बड़ी ही देर से समझा,
मैं पछताता हूँ हर लम्हा मुझे बस माफ़ कर देना,
मैं ठुकराया हूँ दुनिया का मुझे ठुकरा न तुम देना,
है जैसा भी तेरा पागल उसे अपनी शरण लेना,
अहम का दीप ये शर्मा का अब बुझना जरुरी हो गया,
तेरे खाटू में आकर, रुकना ज़रुरी हो गया.....
श्रेणी : खाटू श्याम भजन
Tadpan - Khatu Mein Rukna Jaruri Ho Gaya - Vimal Dixit Pagal Ji - Shyam Baba Bhajan -Saawariya
खाटू में रुकना ज़रुरी हो गया लिरिक्स Khatu Me Rukna Jaruri Ho Gaya Lyrics, Khatu Shyam Ji Bhajan Lyrics, by Singer: Shri Vimal Dixit Pagal Ji
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