नवरात्रो के दिन है
नवरातो के दिन है मेरे घर आओ माँ,
नौ दिन के लिए मेरे घर में रह जाओ माँ......
तुझे भाव से मैंने बुलाया आशा का दीप जलाया है,
अपनी कृपा का तुम रस बरसा जाओ माँ,
नवरातो के दिन है मेरे घर आओ माँ......
जय माता दी सारे बोलो जय माता दी,
तूने सब कुछ मुझको दिया है माँ मेरा रुतबा ऊँचा किया है माँ,
जो चाहा तुझसे पाया है कभी खाली नहीं लौटाया है,
सेवा का मुझको भी मौका दे जाओ माँ,
नवरातो के दिन है मेरे घर आओ माँ......
पलकों का बिछोना बनाऊगा उस पर माँ तुझको बिठाऊंगा,
मै बैठ के माँ तेरे चरणों में तेरे चरणों को मै दबाऊंगा,
मेरी और नहीं कोई चाहत पूरी कर दो मेरी हसरत,
दर्शन दे कर मेरी तकदीर जगाओ माँ,
नवरातो के दिन है मेरे घर आओ माँ......
जय माता दी सारे बोलो जय माता दी,
मेरे घर माँ आ जाओ एक बार तेरा रास्ता देख रहा परिवार,
नौ दिन और नौ रातो का माँ मुझको दे जाओ बस उपहार,
मेरी किस्मत के पट खोल दो माँ कुछ हाँ या ना अब बोल दो माँ,
चुप बैठ के शर्मा को यूँ ना बहलाओ माँ,
नवरातो के दिन है मेरे घर आओ माँ,
तुझे भाव से मैंने बुलाया आशा का दीप जलाया है,
अपनी कृपा का तुम रस बरसा जाओ माँ,
नवरातो के दिन है मेरे घर आओ माँ......
श्रेणी : दुर्गा भजन