रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्,
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति ||1||
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्,
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति ||2||
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्,
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति ||3||
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्,
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति ||4||
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्,
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति ||5||
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्,
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति ||6||
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्,
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति ||7||
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्,
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति ||8||
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्,
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति ||9|| ....[ 9x12 times ]
श्रेणी : मंत्र संग्रह
रोग नाशक मंत्र | Rog Nashak Mantra | Shiv Mantra | Prem Prakash Dubey
रोग नाशक मंत्र लिरिक्स Rog Nashak Mantra With Hindi Lyrics, Mantra Sangrah, by Prem Prakash Dubey Ji, Yt Krishna Bhakti
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