माँ काँगड़े वाली तुझे नमन
माँ काँगड़े वाली तुझे नमन,
दोहा - ऊपर अदभुत छटा बिखेरे,
धोला धार बर्फानी,
नीचे घाटी मात बिराजे,
नगर कोट महारानी।
दीन जनन के सर पर मैया,
दया की चादर तानी,
महिमा कैसे बखाने ये 'लख्खा',
मूढ़ मति अज्ञानी...
बर्फ का पर्वत करे रखवाली,
और बिच माँ तेरा द्वारा,
चम चम चमके भवन सुनहरा,
लगता है बड़ा प्यारा।
खुल गई मेरी किस्मत माता,
हो गया दर्शन मुझको,
चुम के चौखट तेरी माता,
लख्खा लख लख, नमन करे तुझको.....
माँ काँगड़े वाली तुझे नमन,
क्या खूब सजा है तेरा भवन,
माँ काँगड़े वाली तुझें नमन.......
नगर कोट की तू महारानी,
तू शक्ति तू आद भवानी,
वेद पुराणों ने महीमा बखानी,
सबको वर देती वरदानी,
सुखदाई तेरे दर्शन,
माँ काँगड़े वाली तुझें नमन.......
धोला धार पर्वत का पहरा,
चम चम चमके भवन सुनहरा,
मनोकामना पूरी होती,
जो भी ध्यान धरे माँ तेरा,
संकट काटे तेरा भजन,
माँ काँगड़े वाली तुझें नमन.......
"के के शर्मा” चरणों के चाकर,
दर पे खड़े है शीश झुककर,
ऐमिल जगराते की चर्चा,
'सरल' आज हो रही है घर घर,
गाए 'लख्खा' महिमा होके मगन,
माँ काँगड़े वाली तुझें नमन.......
श्रेणी : दुर्गा भजन
Maa Kangra Wali
माँ काँगड़े वाली तुझे नमन लिरिक्स Maa Kangra Waali Tujhe Naman Hindi Lyrics, Durga Bhajan, by Singer: Lakhbir Singh Lakkha Ji
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