श्रृंगार वाली महाकाली का रूप निराला है - shringar wali mahakali ka roop nirala hai

श्रृंगार वाली महाकाली का रूप निराला है



लाल कंगना लाल चुनरिया चोला काला है
श्रृंगार वाली महाकाली का रूप निराला है
जय काली खप्पर वाली

पांव में लागो लाल महावर और बिछिया बजनारी
और मुंडो की गर्दन पहने पहने साड़ी काली
गले में पहने हरवा सिर पे मुकुट विशाल है

मैया सिंगार चढ़ाने लगती भीड़ है भारी
मनोकामना पूर्ण करती मेरी मैया काली
जबलपुर की शान मैया
जबलपुर में मैया का दरबार ये आला है

मांग लो वरदान माई से यही है देने वाली
सबके यह भंडारे भारती कोई न जाए खाली
मन्नू के भंडार भरो यह भी तेरा लाला है
हम सब के भंडार भरो हमने भी पुकारा है

सिंगार वाली महाकाली का रूप निराला है

यह भी देखें : चण्डी है महाकाली कालीका खप्पर वाली



श्रेणी : दुर्गा भजन



Shringar Wali Mahakali | श्रृंगार वाली महाकाली | Navratri Song | Subhash Soni | Soni Brothers

श्रृंगार वाली महाकाली का रूप निराला है - Shringar Wali Mahakali Ka Roop Nirala Hai Lyrics, Durga Bhajan, By Singer: Subhash Soni Ji


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