आज रंग बरसे, प्रेम रंग बरसे
आज रंग बरसे, प्रेम रंग बरसे,
आज रंग बरसे, प्रेम रंग बरसे,
होली खेले श्याम बिरज में और रंग गुलाल हैं बरसे,
आज रंग बरसे, प्रेम रंग बरसे,
आज रंग बरसे, प्रेम रंग बरसे,
आओ आओ राधे आओ, सखियों को भी संग में लाओ,
आओ आओ राधे आओ, सखियों को भी संग में लाओ,
कान्हा को जरा रंग लगाओ,
आज रंग बरसे, प्रेम रंग बरसे,
आज रंग बरसे, प्रेम रंग बरसे,
आओ आओ मय्या आओ, बाबा को भी संग में लाओ,
आओ आओ मय्या आओ, बाबा को भी संग में लाओ,
कान्हा को जरा रंग लगाओ,
आज रंग बरसे, प्रेम रंग बरसे,
आज रंग बरसे, प्रेम रंग बरसे,
आओ आओ मीरा आओ, कर्मा को भी संग में लाओ,
आओ आओ मीरा आओ, कर्मा को भी संग में लाओ,
कान्हा को जरा रंग लगाओ,
आज रंग बरसे, प्रेम रंग बरसे,
आज रंग बरसे, प्रेम रंग बरसे,
आओ आओ सुदामा आओ, नरसिंह को भी संग में लाओ,
आओ आओ सुदामा आओ, नरसिंह को भी संग में लाओ,
कान्हा को जरा रंग लगाओ,
आज रंग बरसे, प्रेम रंग बरसे,
आज रंग बरसे, प्रेम रंग बरसे,
Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore
श्रेणी : होली भजन
आज रंग बरसे, प्रेम रंग बरसे ।। होली का नया भजन ।। #radhekrishna #holi #holi2026 #holibhajan #radhe
आज रंग बरसे, प्रेम रंग बरसे” होली के पावन अवसर पर गाया जाने वाला एक भावपूर्ण भजन है, जिसके रचयिता इंदौर के गीतकार Jay Prakash Verma हैं। यह भजन केवल रंगों की बात नहीं करता, बल्कि प्रेम, भक्ति और आत्मिक मिलन के रंगों को दर्शाता है। इसमें राधा और कृष्ण की ब्रज होली का सुंदर चित्रण है, जहाँ श्याम अपने भक्तों और सखियों संग प्रेम-गुलाल बरसाते हैं। भजन में बार-बार “आओ आओ” का निमंत्रण केवल पात्रों को नहीं, बल्कि हर भक्त के हृदय को दिया गया है — चाहे वह मीरा बाई हों, सुदामा हों या माता-पिता स्वरूप यशोदा-नंद — सभी को प्रेम के रंग में रंगने का संदेश है। इस रचना का मुख्य भाव यह है कि सच्ची होली बाहरी रंगों से नहीं, बल्कि हृदय में बसे श्रीकृष्ण प्रेम से खेली जाती है। यह भजन भक्त और भगवान के मधुर संबंध, समर्पण और आनंदमय उत्सव का प्रतीक है, जो सुनने वाले के मन को ब्रज की गलियों में ले जाकर दिव्य प्रेम में डुबो देता है। 🌸🙏