सुबह जपो शाम जपो राम राम राम
।। श्री राम संकीर्तन ।।
सुबह जपो, शाम जपो,
राम राम राम,
भव से करे पार बस,
एक राम नाम,
तन से जपो, मन से जपो,
राम राम राम,
भव से करे पार बस,
एक राम नाम,
सुख में जपो, दुख में जपो,
राम राम राम,
भव से करे पार बस,
एक राम नाम,
आते जपो, जाते जपो,
राम राम राम,
भव से करे पार बस,
एक राम नाम,
खाते जपो, पीते जपो,
राम राम राम,
भव से करे पार बस,
एक राम नाम,
सोते जपो, जगते जपो,
राम राम राम,
भव से करे पार बस,
एक राम नाम,
उठते जपो, बैठते जपो,
राम राम राम,
भव से करे पार बस,
एक राम नाम,
शिव जी जपे, गोरा जपे,
राम राम राम,
भव से करे पार बस,
एक राम नाम,
कृष्ण जपे, राधा जपे,
राम राम राम,
भव से करे पार बस,
एक राम नाम,
भरत जपे, हनुमत जपे,
राम राम राम,
भव से करे पार बस,
एक राम नाम,
सबरी जपे, मीरा जपे,
राम राम राम,
भव से करे पार बस,
एक राम नाम,
भक्त जपे, संत जपे,
राम राम राम,
भव से करे पार बस,
एक राम नाम,
हम भी जपे, तुम भी जपो,
राम राम राम,
भव से करे पार बस,
एक राम नाम,
Lyrics – Jay Prakash Verma, Indore
श्रेणी : राम भजन
सुबह जपो शाम जपो राम राम राम । श्री राम संकीर्तन । #ram #rambhajan #newbhajan #newrambhajan
यह “श्री राम संकीर्तन” भगवान राम के पवित्र नाम के जप और उसकी महिमा का गुणगान करने वाला अत्यंत सरल, मधुर और प्रेरणादायक भजन है। इसके बोल Jay Prakash Verma द्वारा लिखे गए हैं। यह भजन नाम-स्मरण (नाम-जप) की उस प्राचीन भारतीय भक्ति परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिसमें भगवान के नाम को ही मोक्ष और आत्मिक शांति का सबसे सरल मार्ग माना गया है।
इस भजन का मुख्य भाव “राम नाम की महिमा और निरंतर स्मरण” है। “सुबह जपो, शाम जपो, राम राम राम” के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि भगवान का नाम केवल पूजा के समय ही नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षण—सुख-दुख, उठते-बैठते, खाते-पीते, सोते-जागते—स्मरण करना चाहिए। भजन की पंक्ति “भव से करे पार बस, एक राम नाम” यह दर्शाती है कि संसार रूपी भवसागर से पार लगाने की शक्ति केवल राम नाम में है।
भजन में अनेक महान भक्तों और देवताओं का उल्लेख किया गया है, जैसे शिव, पार्वती (गौरा), श्री कृष्ण, राधा, भरत, हनुमान, शबरी और मीरा बाई। इनके उल्लेख का उद्देश्य यह बताना है कि भगवान के नाम की महिमा इतनी महान है कि देवता, संत और भक्त सभी उसका जप करते हैं।
यह भजन “नाम-भक्ति” की परंपरा से जुड़ा है, जिसमें यह विश्वास किया जाता है कि कलियुग में भगवान के नाम का जप सबसे सरल और प्रभावशाली साधना है। इसमें कोई जटिल साधना या कठिन तपस्या नहीं, बल्कि प्रेम और श्रद्धा से “राम” नाम का स्मरण ही पर्याप्त माना गया है।
कुल मिलाकर, यह भजन भक्तों को हर परिस्थिति में राम नाम का जप करने, उसे अपने जीवन का आधार बनाने और उसी में शांति, शक्ति तथा मोक्ष का मार्ग खोजने की प्रेरणा देता है। “राम नाम” को इस भजन में जीवन का सहारा, दुखों का नाश करने वाला और भवसागर से पार लगाने वाला दिव्य मंत्र बताया गया है।