जय गणेश जय गणेश देवा आरती
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा |
माता जाकी पारवती, पिता महादेवा ||
एक दन्त दयावन्त, चार भुजा धारी |
माथे सिन्धुर सोहे, मुसे की सवारी ||
अंधे को आँख देत, कोडी को काया |
बाँजन को पुत्र देत, निर्धन को माया ||
पान चढ़े फूल चढ़े, और चढ़े मेवा |
लडुवन का भोग लगे, संत करे सेवा ||
श्रेणी : आरती संग्रह
Ganesh Aarti, JAI GANESH DEVA by Anuradha Paudwal with Hindi, English LyricsI I Full Video Song
**जय गणेश जय गणेश देवा आरती** भगवान श्री गणेश को समर्पित सबसे लोकप्रिय आरतियों में से एक है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, मंगलकर्ता और बुद्धि के देवता के रूप में पूजा जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में उनका स्मरण करना हिंदू परंपरा में विशेष महत्व रखता है। इस आरती में गणेश जी के स्वरूप, उनकी चार भुजाओं, एकदंत रूप और माता पार्वती तथा भगवान महादेव से उनके संबंध का वर्णन मिलता है। भक्त आरती के माध्यम से भगवान गणेश से सुख, समृद्धि, बुद्धि और जीवन की बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करते हैं। अनुराधा पौडवाल की आवाज़ में प्रस्तुत यह लोकप्रिय गणेश आरती घरों और मंदिरों में श्रद्धा के साथ गाई जाती है। इस पोस्ट में **जय गणेश जय गणेश देवा आरती के हिंदी और अंग्रेज़ी लिरिक्स**, धार्मिक भाव और पूजा में इसके महत्व से जुड़ी जानकारी प्राप्त करें। 🙏 **गणपति बप्पा मोरया!**