तेरा भवन सजा जिन फूलो
तेरा भवन सजा जिन फूलो से,
उन फूलो की महिमा ख़ास है माँ,
बड़ा गर्व है उनको किस्मत पर,
तेरा हुआ जो उनमे निवास है माँ,
उन फूलो को देवता नमन करे तेरी माला बनी जिन फूलो की,
तू झूलती जिन में माला पहन क्या शान है माँ उन झूलो की,
कभी ऐसी दया हम पर होगी तेरे भक्तो को पूरी आस है माँ,
तेरा भवन सजा जिन फूलो से...
कुछ फूल जो साँची निश्ठा के तेरी पावन पिंडियो पे है चढ़े,
माँ तेरी महक में उनकी महक गुली ये भाग्यवान है सबसे बड़े,
हर भाग की रेखा बदलने की दिवय शक्ति तुम्हारे पास है माँ,
तेरा भवन सजा जिन फूलो से....
हो नित गगन की शत से सतरंगे तेरे मंदिरो में फूल जो बरसे माँ,
उन फॉलो को माथे लगाने को तेरे नाम के दीवाने तरसे माँ,
लाख पे रहे गई तेरी दया निर्दोष को ये विश्वाश है माँ,
तेरा भवन सजा जिन फूलो से,
श्रेणी : दुर्गा भजन
Tera Bhawan Saja Jin Phoolon Se
इस भजन में माँ दुर्गा के भवन को सजाने वाले फूलों की महिमा का वर्णन किया गया है। भक्त भावपूर्ण शब्दों में कहता है कि जिन फूलों को माँ के मंदिर में सजने और उनकी पवित्र माला बनने का सौभाग्य प्राप्त होता है, उनका जीवन धन्य हो जाता है। माँ के चरणों में अर्पित फूल केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे श्रद्धा, प्रेम, समर्पण और सच्ची भक्ति की भावना को भी दर्शाते हैं। माँ के पवित्र धाम से जुड़ना ही भक्त के लिए बड़े सौभाग्य की बात है।
इस भजन का आध्यात्मिक संदेश है कि सच्ची श्रद्धा और निष्कपट भक्ति से माँ का आशीर्वाद प्राप्त करने की आशा मन में बनी रहती है। जिस प्रकार फूल अपनी सुगंध से वातावरण को महका देते हैं, उसी प्रकार माँ की भक्ति मन को पवित्रता, शांति और सकारात्मकता से भर देती है। भक्त माँ से दया की प्रार्थना करता है और विश्वास रखता है कि उनकी कृपा जीवन में नई आशा जगा सकती है। यह भजन हमें सिखाता है कि अहंकार छोड़कर प्रेम, विनम्रता और श्रद्धा के साथ माँ के चरणों में समर्पित होना ही सच्ची भक्ति है। 🌺 जय माँ दुर्गा!