कहां जाओगे भोले भंडारी शादी हो गई
कहां जाओगे भोले भंडारी,
शादी हो गई हमारी तुम्हारी॥
गोरा में पर्वत का वासी,
और तुम राजा की बेटी,
कैसे जोड़ी बनेगी हमारी,
शादी हो गई हमारी तुम्हारी.....
मैंने जप तप बहुत किया था,
पति तुमको ही माना था,
जन्मों-जन्मों की जोड़ी हमारी,
शादी हो गई हमारी तुम्हारी.....
मैं भांग धतूरा खाता,
गोरा तुमको यह नहीं भाता,
यहां मिले नहीं तरकारी,
शादी हो गई हमारी तुम्हारी.....
मैं अंग भभूति रमाता,
मेरे तन पर नहीं दुशाला,
मैं कहां से लाऊं तुम्हें साड़ी,
शादी हो गई हमारी तुम्हारी.....
यह देव बड़े दुराचारी,
माने नहीं बात हमारी,
नारद की मती गई मारी,
शादी हो गई हमारी तुम्हारी.....
श्रेणी : शिव भजन
कहा जाओगे भोले भंडारी शादी हो गई हमारी तुम्हारीKAHA JAOGE BHOLE BHANDARI SHADI HO GAYI HAMARITUMHARI
कहां जाओगे भोले भंडारी, शादी हो गई हमारी तुम्हारी, गोरा में पर्वत का वासी, और तुम राजा की बेटी, कैसे जोड़ी बनेगी हमारी, शादी हो गई हमारी तुम्हारी, मैंने जप तप बहुत किया था, kahaan jaoge bhole bhandaaree, shaadee ho gaee hamaaree tumhaaree, gora mein parvat ka vaasee, aur tum raaja kee betee, kaise jodee banegee hamaaree, shaadee ho gaee hamaaree tumhaaree, mainne jap tap bahut kiya tha,