माँ मुझे अपने आँचल में छुपा ले
माँ मुझे अपने आँचल में छुपा ले,
गले से लगा ले कि और मेरा कोई नहीं,
माँ मुझे अपने आँचल में छुपा ले,
गले से लगा ले कि और मेरा कोई नहीं,
फिर ना सताऊँगा कभी पास बुला ले, गले से लगा ले,
कि और मेरा कोई नहीं कि और मेरा कोई नहीं,
कि और मेरा कोई नहीं,
माँ मुझे अपने आँचल में छुपा ले गले से लगा ले,
कि और मेरा कोई नहीं,
फिर ना सताऊँगा कभी पास बुला ले गले से लगा ले,
कि और मेरा कोई नहीं माँ,
कि और मेरा कोई नहीं मैया मेरी मैया प्यारी मेरी मैया..
भूल मेरी छोटी सी भूल जाओ माता,
भूल मेरी छोटी सी भूल जाओ माता,
ऐसे कोई अपनों से रूठ नहीं जाता,
भूल मेरी छोटी सी भूल जाओ माता,
भूल मेरी छोटी सी भूल जाओ माता,
ऐसे कोई अपनों से रूठ नहीं जाता,
रूठ गया हूँ मैं तू मुझको मना ले गले से लगा ले,
कि और मेरा कोई नहीं कि और मेरा कोई नहीं माँ,
कि और मेरा कोई नहीं.....
गोद में तेरी आज तक मैं पला हूँ,
गोद में तेरी आज तक मैं पला हूँ,
उँगली पकड़ के तेरी माता मैं चला हूँ,
गोद में तेरी आज तक मैं पला हूँ,
गोद में तेरी आज तक मैं पला हूँ,
उँगली पकड़ के तेरी मा मैं चला हूँ,
तेरे बिना मुझको अब कौन सम्भाले गले से लगा ले,
कि और मेरा कोई नहीं कि और मेरा कोई नहीं कि और
मेरा कोई नहीं माँ.....
श्रेणी : दुर्गा भजन
माँ मुझे अपने आंचल मे छुपाले - Best Mata Rani Bhajan - Chetna Shukla @Ambey Bhakti
माँ, मुझे अपने आँचल में छुपा ले, यह भजन हमारी माँ दुर्गा के प्रति श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। इस भजन में भक्त माँ से यह विनती करते हैं कि वे उन्हें अपनी गोदी में सुला लें और अपनी गोदी से लगा लें, ताकि वे कभी अकेले महसूस न करें। यह भजन माँ के प्यार और आशीर्वाद की महिमा का बखान करता है।
भजन के शब्दों में एक गहरी भावना है, जिसमें भक्त अपनी भूलों को माँ के सामने स्वीकारते हुए उनसे माफी मांगते हैं। यह भजन माँ के साथ एक अटूट संबंध को व्यक्त करता है, जिसमें भक्त माँ के बिना खुद को असहाय और अकेला महसूस करते हैं।
"माँ मुझे अपने आँचल में छुपा ले" एक ऐसा भजन है, जो माँ के नज़दीक होने की भावना को उजागर करता है। इसे सुनकर हर भक्त का दिल शांत और सुकून से भर जाता है।