अपने चरणों से हमको लगा लो देवी मां
अपने चरणों से हमको लगा लो देवी मां,
अब तो अपनी नगरिया बुला लो देवी मां.....
दूर बहुत मईया तुम्हरी दुवरिया,
लम्बा है रस्ता कठिन डगरिया,
राह आकार के हमको दिखा दो देवी मां,
अब तो अपनी नगरिया बुला लो देवी मां.....
तुम बिन मईया मोहे कछु ना सुहाए,
रात अंधेरी है जिया घबराए,
अपने आंचल में हमको छिपा लो देवी मां,
अब तो अपनी नगरिया बुला लो देवी मां.....
किसको मैं जाकर अपनी विपदा सुनाऊं,
सुन लो मां विनती तुमको सुनाऊं,
सोई किस्मत को आकार जगा दो देवी मां,
अब तो अपनी नगरिया बुला लो देवी मां.....
सब भक्तन मिल तेरे गुन गाए,
बैठे हैं राहों में पलके बिछाए,
मोहनी मूरत को अपनी दिखा दो देवी मां,
अब तो अपनी नगरिया बुला लो देवी मां.....
श्रेणी : दुर्गा भजन
लिरिक्स सहित माता रानी का भजन🙏अपने चरणों से हमको लगा लो देवी मां...mata rani bhajan
यह भजन माँ दुर्गा (देवी माँ/माता रानी) के प्रति गहरी श्रद्धा, समर्पण और करुण पुकार को व्यक्त करता है। “अपने चरणों से हमको लगा लो देवी मां” एक पारंपरिक दुर्गा भजन है, जिसके रचयिता के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे लोक-भक्ति परंपरा की रचना माना जाता है। यह भजन उत्तर भारत में विशेष रूप से नवरात्रि जैसे अवसरों पर भक्तों द्वारा बड़े भाव से गाया जाता है।
इस भजन का मुख्य भाव “शरणागति (पूर्ण समर्पण) और करुणा की याचना” है। इसमें भक्त माँ से प्रार्थना करता है कि वे उसे अपने चरणों में स्थान दें और अपनी “नगरिया” (धाम/शरण) में बुला लें। “दूर बहुत मईया तुम्हरी दुवरिया, लम्बा है रस्ता कठिन डगरिया” पंक्तियाँ जीवन के कठिन मार्ग और आध्यात्मिक दूरी को दर्शाती हैं, जहाँ भक्त माँ से मार्गदर्शन और सहारा मांगता है।
भजन में गहरी भावनात्मक स्थिति भी दिखाई देती है—“तुम बिन मईया मोहे कछु ना सुहाए, रात अंधेरी है जिया घबराए”—यह बताता है कि देवी के बिना जीवन अंधकारमय और भय से भरा लगता है। “अपने आंचल में हमको छिपा लो” पंक्ति माँ के स्नेह, सुरक्षा और ममता का प्रतीक है, जहाँ भक्त खुद को एक बच्चे की तरह उनकी शरण में रखना चाहता है।
अंत में, भक्त अपनी पीड़ा (विपदा) सुनाने, सोई किस्मत जगाने और देवी के दर्शन पाने की प्रार्थना करता है।
कुल मिलाकर, यह भजन माँ दुर्गा के प्रति अटूट विश्वास, प्रेम, और पूर्ण समर्पण को दर्शाता है, जिसमें भक्त अपनी हर चिंता और दुख देवी के चरणों में सौंपकर शांति और कृपा की आशा करता है।