घर में मैया जी आई
आये नवराते घर में मैया जी आई,
आगे बजरंगी पीछे भेरो को लाई,
आये नवराते घर में मैया जी आई....
पहले नवराते माँ शैलपुत्री आई,
दूजे नवराते माभरंचारणी आई,
तेजी नवराते माँ चंद्रघंटा आई,
आये नवराते घर में मैया जी आई....
चौथे खुश्मांड़ा माँ दर्शन दिखाए,
इस्कन्ध माता माँ पचड़े दिन आये,
छठवे माँ कयतानी किरपा बरसाए,
आये नवराते घर में मैया जी आई....
सातवे माँ कालरात्रि माँ पधारी,
आठवे माँ गोरी लगे प्यारी प्यारी,
नोवी को सिद्ध माता आई,
आये नवराते घर में मैया जी आई...
कई रूप में माँ ने दर्शन दिखाए,
लाल चरण में घर में खुशियां बरसाए,
अपने गिरी को माँ गले से लगाई,
आये नवराते घर में मैया जी आई....
श्रेणी : दुर्गा भजन
घर में मैया जी आयें Ghar Mein Maiya Ji Aayein I SANJAY GIRI I Devi Bhajan I Full HD Video Song
“घर में मैया जी आई” एक भक्तिमय माँ दुर्गा / नवरात्रि भजन है, जिसमें नवरात्रि के पावन अवसर पर माता रानी के घर में आगमन और उनके नौ दिव्य स्वरूपों की महिमा का वर्णन किया गया है। भजन की मुख्य पंक्ति “आये नवराते घर में मैया जी आई” भक्त के आनंद और उत्साह को व्यक्त करती है। इसमें माता रानी के साथ बजरंगबली और भैरव बाबा के आगमन का भी भाव आता है, जो देवी की आराधना और उनके दिव्य परिवार से जुड़े धार्मिक विश्वासों को दर्शाता है।
इस भजन का मुख्य भाव नवरात्रि की खुशी, माँ के आगमन का उत्सव और देवी के नौ स्वरूपों की आराधना है। भजन में नवरात्रि के नौ दिनों में पूजी जाने वाली नवदुर्गा का क्रमवार उल्लेख किया गया है। पहले दिन माँ शैलपुत्री, दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कूष्मांडा, पाँचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन कात्यायनी, सातवें दिन कालरात्रि, आठवें दिन महागौरी और नौवें दिन सिद्धिदात्री के रूप में माता की आराधना की जाती है। भजन में इन्हीं नौ स्वरूपों को सरल और भक्तिमय शैली में प्रस्तुत किया गया है।
भजन के शुरुआती अंतरे में भक्त माता के घर आने पर अपनी खुशी व्यक्त करता है और कहता है कि माँ के आगे बजरंगबली और पीछे भैरव बाबा भी आए हैं। इसका भाव यह है कि नवरात्रि के दिनों में माता रानी की उपासना के साथ उनके प्रिय और पूजनीय देवताओं का भी स्मरण किया जाता है। इस प्रकार भजन में नवरात्रि के पूरे धार्मिक वातावरण को उत्सव और भक्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
आगे के अंतरों में माता के नौ रूपों का सुंदर वर्णन किया गया है। हर नवरात्रि के दिन माँ के अलग-अलग स्वरूप की पूजा करने का भाव भक्तों को देवी के विभिन्न रूपों की महिमा से जोड़ता है। शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक माँ के इन स्वरूपों को शक्ति, ज्ञान, तपस्या, करुणा और सिद्धि का प्रतीक माना जाता है। भजन के माध्यम से भक्त यह भावना व्यक्त करता है कि माँ हर दिन अलग रूप में दर्शन देकर अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं।
अंतिम अंतरे में माँ के अनेक रूपों में दर्शन देने और घर में खुशियाँ बरसाने की भावना दिखाई देती है। “लाल चरण में घर में खुशियां बरसाए” जैसे भाव में माता के चरणों को शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। भक्त यह भी कहता है कि माँ ने अपने भक्त “गिरी” को गले से लगा लिया। इससे भक्त और माता के बीच माँ-बेटे जैसा प्रेम और आत्मीय संबंध दिखाई देता है। यह भाव बताता है कि सच्ची श्रद्धा से माता की भक्ति करने वाले भक्त को माँ अपना स्नेह और आशीर्वाद प्रदान करती हैं।
कुल मिलाकर, “घर में मैया जी आई” एक उत्साहपूर्ण नवरात्रि और दुर्गा भजन है, जिसमें माता रानी के घर आगमन, नवदुर्गा के नौ स्वरूपों और भक्तों पर माँ की कृपा का सुंदर वर्णन किया गया है। भजन का मुख्य संदेश यह है कि नवरात्रि केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि माँ शक्ति के विभिन्न रूपों का स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का पावन अवसर है। इस भजन में माँ के आगमन को घर में सुख, शांति और खुशियों के आने के समान माना गया है। उपलब्ध वीडियो शीर्षक के अनुसार यह भजन Sanjay Giri की प्रस्तुति से जुड़ा हुआ है, लेकिन दिए गए पाठ के आधार पर मूल गीतकार या रचनाकार का नाम निश्चित रूप से स्पष्ट नहीं है।