माँ के दर्शन पायो
( शेरावाली मेहरावाली,
ज्योतावाली माँ,
सबका मंगल करने वाली,
दुर्गा काली माँ, दुर्गा काली माँ। )
सौलह श्रृंगार किये,
शेर पे सवार है,
मैया शेरावाली आज,
आई मेरे द्वार है,
आयो रे आयो रे आयो रे आयो,
आयो रे आयो रे आयो रे आयो,
आयो रे आयो रे आयो रे,
मैया के दिन आयो, आयो,
मैया के दिन आयो, आयो,
माँ के दर्शन पायो,
मैया के दिन आयो.......
कलश सजाओ आज सुहागन,
मंगल गान करो,
नौ दिन की नवरात्री आई,
माँ का मान करो,
माँ का ध्यान करो,
मैया जी आँखों में देखो भरा प्यार है,
आंचरा में माई के ममता दुलार है,
आयो रे आयो रे आयो रे आयो,
आयो रे आयो रे आयो रे आयो,
आयो रे आयो रे आयो रे,
मैया के दिन आयो, आयो,
मैया के दिन आयो, आयो,
मन उमंग भर आयो,
मैया के दिन आयो, आयो,
मैया के दिन आयो........
बिन माँगे माँ सबकुछ देगी,
भर देगी भंडार,
सबके सारे दुःख हर लेगी,
माँ को है सबसे प्यार,
कर देगी बेड़ा पार,
मैया जी दयाली है सबपे कृपाली है,
माँ के दरबार में सभी तो सवाली है,
आयो रे आयो रे आयो रे आयो,
आयो रे आयो रे आयो रे आयो,
आयो रे आयो रे आयो रे,
मैया के दिन आयो, आयो,
मैया के दिन आयो, आयो,
माँ के दर्शन पायो,
मैया के दिन आयो........
सौलह श्रृंगार किये,
शेर पे सवार है,
मैया शेरावाली आज,
आई मेरे द्वार है,
आयो रे आयो रे आयो रे आयो,
आयो रे आयो रे आयो रे आयो,
आयो रे आयो रे आयो रे,
मैया के दिन आयो, आयो,
मैया के दिन आयो, आयो,
माँ के दर्शन पायो,
मैया के दिन आयो.......
श्रेणी : दुर्गा भजन
Maa Ke Darshan Payo I New Devi Bhajan I TRIPTI SHAQYA I Full HD Video Song I Navratri Special 2018
यह “माँ के दर्शन पायो” एक भक्तिमय और उत्साह से भरपूर दुर्गा माता एवं नवरात्रि भजन है, जिसमें शेरावाली माँ के भक्तों के बीच आगमन और उनके दिव्य दर्शन की खुशी को सुंदर रूप से प्रस्तुत किया गया है। भजन की शुरुआत माँ को शेरावाली, मेहरावाली और ज्योतावाली कहकर उनकी स्तुति से होती है। माँ को सोलह श्रृंगार करके शेर पर सवार होकर भक्त के द्वार आने वाली देवी के रूप में चित्रित किया गया है। यह भाव भक्त के लिए अत्यंत आनंद और सौभाग्य का प्रतीक है कि स्वयं माता रानी उसके घर और जीवन में पधारी हैं।
इस भजन का मुख्य भाव माँ के आगमन की खुशी, भक्ति, श्रद्धा, दर्शन की लालसा और माता की कृपा है। “मैया के दिन आयो” की बार-बार दोहराई जाने वाली पंक्ति नवरात्रि के शुभ अवसर और देवी आराधना के उत्सवमय वातावरण को दर्शाती है। भक्त इस पावन समय में माँ के दर्शन पाने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए उत्साहित दिखाई देता है। भजन में माता के आगमन को एक ऐसे शुभ अवसर के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जब हर भक्त के मन में उमंग और आनंद भर जाता है।
भजन के दूसरे अंतरे में नवरात्रि की पूजा-पद्धति और धार्मिक वातावरण का सुंदर वर्णन मिलता है। इसमें कलश सजाने, मंगल गीत गाने और नौ दिनों तक माता की आराधना करने का भाव व्यक्त किया गया है। भक्तों से माँ का ध्यान करने और उनका सम्मान करने की प्रेरणा दी गई है। माँ की आँखों में प्रेम और उनके आँचल में ममता का वर्णन यह दर्शाता है कि माता अपने भक्तों के लिए केवल शक्ति का स्वरूप ही नहीं, बल्कि माँ की तरह प्रेम और वात्सल्य देने वाली करुणामयी देवी भी हैं।
तीसरे अंतरे में माता की कृपा और दयालुता का गुणगान किया गया है। भजन में विश्वास व्यक्त किया गया है कि माँ अपने भक्तों को बिना माँगे भी बहुत कुछ प्रदान कर सकती हैं और उनके दुःखों को दूर कर सकती हैं। “माँ के दरबार में सभी तो सवाली हैं” का भाव यह बताता है कि माता के दरबार में आने वाला प्रत्येक भक्त अपनी मनोकामना और प्रार्थना लेकर आता है। माँ को दयाली और कृपाली कहकर उनकी करुणा और भक्तों पर बरसने वाली कृपा का वर्णन किया गया है।
कुल मिलाकर, “माँ के दर्शन पायो” एक ऐसा दुर्गा भजन है जो नवरात्रि के पावन अवसर, शेरावाली माता के आगमन, उनके दिव्य दर्शन और भक्तों पर उनकी कृपा का उत्सव मनाता है। इसमें माता के प्रति प्रेम, श्रद्धा और विश्वास के साथ-साथ नवरात्रि के दौरान होने वाली पूजा, मंगलगान और भक्तिमय वातावरण का सुंदर चित्रण किया गया है। यह भजन भक्तों को माता रानी की आराधना करने, उनके दर्शन पाने और उनकी कृपा पर विश्वास रखने की प्रेरणा देता है। आपके दिए गए वीडियो शीर्षक के अनुसार यह भजन Trupti Shakya द्वारा प्रस्तुत नवरात्रि स्पेशल देवी भजन के रूप में जाना जाता है। इसके मूल गीतकार या रचनाकार का नाम दिए गए विवरण में स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है, इसलिए बिना प्रमाण के किसी व्यक्ति को इसका मूल लेखक बताना उचित नहीं होगा।