मुझे कोख में क्यों मारा मैया
मुझे कोख में क्यों मारा मैया,
एक बेटी ने ये पुकारा है,
केवल मेरा बेटी होना,
मैया क्या दोष हमारा है,
मुझे कोंख में क्यों मारा मैया...
सतयुग त्रेता द्वापर आया,
कलियुग की यही कहानी है,
बेटा तो राजा है घर का,
पर बेटी तो बेगानी है,
क्या दशरथ क्या धृतराष्ट्र सुनो,
सब बेटा बेटा पुकारा है,
मुझे कोंख में क्यों मारा मैया,
एक बेटी ने ये पुकारा है....
नौ रात्र में दुर्गा रूपों की,
पूजा अर्चन करवाते हो,
छोटी कंजक के रूप मुझे,
श्रद्धा से घर में लाते हो,
पर कोंख में ज्यूँ ही आती हूँ,
तत्काल मुझे मरवाया है,
मुझे कोंख में क्यों मारा मैया,
एक बेटी ने ये पुकारा है....
कलियुग के बेटो ने मैया,
तुझे वृद्धाश्रम पहुँचाया है,
पर आज की बेटी ने सुनलो,
माँ बाप को तो अपनाया है,
बेटी जो आज की है मैया,
माँ बाप का बनी वो सहारा है,
मुझे कोंख में क्यों मारा मैया,
एक बेटी ने ये पुकारा है....
कब तक द्रोपदी की लाज हे माँ,
सड़को पे उतारी जाएगी,
पैदा होने से पहले ही,
बेटी क्यों मारी जाएगी,
चन्दन बेटी कहे रो रो के,
माँ क्या अपराध हमारा है,
मुझे कोंख में क्यों मारा मैया,
एक बेटी ने ये पुकारा है.....
श्रेणी : दुर्गा भजन
2022 का सबसे दर्दभरा भजन : बेटी की पुकार मुझे कोख में क्यों मारा मईया | Rakesh Kala Bhajan
इस भजन में एक बेटी अपनी पीड़ा माँ भवानी के सामने रखती है और पूछती है कि केवल बेटी होने के कारण उसे जीवन का अवसर क्यों नहीं दिया जाता। भजन समाज में मौजूद उस विरोधाभास को उजागर करता है, जहाँ नवरात्रि में कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर पूजा जाता है, लेकिन वास्तविक जीवन में कई बेटियों को समान सम्मान और अवसर नहीं मिलते। इसके शब्द हमें याद दिलाते हैं कि बेटी कोई दोष नहीं, बल्कि परिवार और समाज का अनमोल हिस्सा है। उसे भी प्रेम, सुरक्षा, शिक्षा और अपने सपनों को पूरा करने का पूरा अधिकार है।
इस भजन का आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश है कि देवी की सच्ची आराधना केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि हर बेटी का सम्मान करने में भी दिखाई देनी चाहिए। भजन में बेटी को माता-पिता का सहारा और परिवार की शक्ति बताया गया है। यह हमें सिखाता है कि बेटा और बेटी दोनों समान रूप से मूल्यवान हैं और किसी के जीवन का महत्व उसके लिंग से तय नहीं होना चाहिए। माँ दुर्गा की भक्ति तभी सार्थक बनती है, जब हम उनकी सृष्टि के हर बच्चे के प्रति करुणा, समानता और सम्मान का भाव रखें। 🙏 जय माँ दुर्गा!