रण में गरज रही रे कालका
जय काली जय काली जय जय,
जय काली जय काली,
जय काली जय काली जय जय,
जय काली जय काली....
रण में गरज रही रे कालका,
रण में गरज रही रे,
खार खप्पर हाथ धरे माँ,
खार खप्पर हाथ धरे माँ,
कैसे मचल गयी रे,
रण में गरज रही रे कालका,
रण में गरज रही रे.....
गले मुंड की माला डाले,
नैना माके लाल लाल,
कालो की माँ काल बनी रे,
कालो की माँ काल बनी रे,
अरे कैसे बिफर गयी रे,
रण में गरज रही रे कालका,
रण में गरज रही रे.....
आँखों से चिंगारी छोड़े,
भागे असुर दल दौड़े दौड़े,
आज बनी विकराल भवानी,
आज बनी विकराल भवानी,
रण में उतर गयी रे,
रण में गरज रही रे कालका,
रण में गरज रही रे....
शुम्भ निशुम्भ संघारे भवानी,
चंड मुंड दये मार भवानी,
रक्त बिज और धूम्र विलोचन,
रक्त बिज और धूम्र विलोचन,
सब चट कर गयी रे,
रण में गरज रही रे कालका,
रण में गरज रही रे.....
श्रेणी : दुर्गा भजन
Ran Me Garaj Rahi Re Kalka - रण में गरज रही रे कालका - Shahnaz Akhatar 07089042601 - Goddess Kali
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