सानूं फेर बुलावी माइये
सानूं फेर बुलावी माइये,
असी फेर आइये,
तेरा रज रज दर्शन पाइये असी फेर आइये,
सानूं फेर बुलावी.....
धन दौलत जागीर नईं मंगदे,
सच्ची गल्ल कैंदे नईं सँगदे,
सानूं ऐसे रंग विच रंगदे,
पल पल तेरा ध्यान लगाइये,
असी फेर आइये,
सानूं फेर बुलावी.....
छल कपट नूं दूर ही रक्खिये,
अपने सारे अवगुन तकिये,
मन्दा बोल सदा लई छडीए,
न वैर किसे नाल पाइये,
असी फेर आइये,
सानूं फेर बुलावी.....
रज़ा तेरी विच रज्ज के रहिये,
नाम दी चादर कज्ज के बहिये,
हर मुश्किल नूं हंस के सहिये,
माँ देख भटक ना जाइए,
असी फेर आइये,
सानूं फेर बुलावी.....
सच दे रस्ते चलदे जाना,
आवे सानूं कौल निभाना,
पूजन अर्चन आरती गाना,
बस तेरा शुकर मनाइये,
असी फेर आइये,
सानूं फेर बुलावी.....
श्रेणी : दुर्गा भजन
सानूं फेर बुलावीं | Saanu Fer Bulavi | New Mata Bhent 2022 | HD Video TheShyamsaajan
यह “सानूं फेर बुलावी माइये” एक अत्यंत भावपूर्ण माँ दुर्गा की भेंट (भजन) है, जिसमें भक्त माता रानी से बार-बार अपने दरबार में बुलाने की विनम्र प्रार्थना करता है। भजन में भक्त कहता है कि उसे धन, दौलत या सांसारिक वैभव की कोई इच्छा नहीं है, बल्कि उसकी सबसे बड़ी कामना केवल माँ के दिव्य दर्शन और उनकी भक्ति प्राप्त करना है। यह भजन माता के प्रति गहरे प्रेम, श्रद्धा और पूर्ण समर्पण की भावना को सरल पंजाबी भाषा में व्यक्त करता है।
इस भजन का मुख्य भाव भक्ति, शरणागति, आत्म-सुधार, संतोष और ईश्वर की इच्छा में प्रसन्न रहने का संदेश देना है। भक्त माता से प्रार्थना करता है कि वे उसे अपने प्रेम के रंग में ऐसा रंग दें कि उसके मन में हर पल केवल माता का ही ध्यान बना रहे। यहाँ भक्ति को केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षण में माता के स्मरण और उनके मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी गई है। यह भाव दर्शाता है कि सच्ची भक्ति मनुष्य के जीवन और उसके विचारों को पूरी तरह बदल देती है।
भजन में सदाचार और आत्मचिंतन का भी सुंदर संदेश मिलता है। भक्त माता से प्रार्थना करता है कि उसके जीवन से छल, कपट और बुरे विचार दूर हो जाएँ। वह अपने दोषों को पहचानने, कटु वचन त्यागने और किसी के प्रति वैरभाव न रखने का संकल्प व्यक्त करता है। इससे स्पष्ट होता है कि माता की सच्ची उपासना केवल मंदिर में पूजा करने से नहीं, बल्कि अच्छे आचरण, विनम्रता, प्रेम और क्षमा के साथ जीवन जीने से पूर्ण होती है।
अंतिम अंतरों में भक्त माता की इच्छा (रज़ा) में प्रसन्न रहने, उनके नाम का स्मरण करने, हर कठिनाई को धैर्यपूर्वक सहने और सत्य के मार्ग पर चलने का संकल्प व्यक्त करता है। वह कहता है कि जीवनभर पूजा, अर्चना, आरती और माता का धन्यवाद करता रहेगा। इस प्रकार यह भजन केवल माता के दर्शन की प्रार्थना नहीं, बल्कि एक आदर्श भक्त के जीवन-मूल्यों—सत्य, संतोष, भक्ति, सेवा और कृतज्ञता—का भी सुंदर वर्णन करता है।
यह भजन मुख्य रूप से पंजाबी भाषा में रचा गया है, इसलिए इसमें पंजाबी लोकभक्ति की मधुरता और आत्मीयता स्पष्ट दिखाई देती है। आपके दिए गए वीडियो शीर्षक के अनुसार “सानूं फेर बुलावी” एक लोकप्रिय माता की भेंट (Mata Bhent) है, जिसे TheShyamsaajan द्वारा प्रस्तुत किया गया है। उपलब्ध जानकारी में इस भजन के मूल गीतकार या रचनाकार का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता, इसलिए बिना प्रमाण के किसी व्यक्ति को इसका लेखक बताना उचित नहीं होगा। कुल मिलाकर, यह भजन माँ दुर्गा के प्रति अटूट श्रद्धा, बार-बार उनके दरबार में आने की लालसा, आत्म-सुधार, सदाचार और ईश्वर की इच्छा में संतोषपूर्वक जीवन जीने का अत्यंत प्रेरणादायक संदेश देता है।