ठाकुरा फड़ लै वे फड़ लै मेरी बाह
ठाकुरा फड़ लै वे, फड़ लै मेरी बाह.....
अजामिल तारेया, गणिका तारी,
मेरे कोलो ना पुछेया प्यारे,
असी वी तेरे द्वारे आये, साडे बक्श गुनाह,
ठाकुरा फड़ लै वे, फड़ लै मेरी बाह.....
गहरी नदिया नाव पुरानी,
दस मैं की करा ठाकुरा,
तेरे वाजो कोई ना मेरा, भव तो पार करा,
ठाकुरा फड़ लै वे, फड़ लै मेरी बाह......
रात दिना मैं तारे गिन गिन तेरा नाम पुकारा,
सारे जग दे वाली आ के फड़ लै मेरी बाह,
ठाकुरा फड़ लै वे, फड़ लै मेरी बाह......
दासी दे मन अंदर बाबा कितने हैं अरमान,
आ के पूरे कर दे सारे, निकल ना जाए साह,
ठाकुरा फड़ लै वे, फड़ लै मेरी बाह.....
श्रेणी : कृष्ण भजन
ठाकुरा फड़ लै मेरी बाह|thakura fadh ley meri baah| ज़बरदस्त जोश और डांस 💃सखियाँ मस्त हो गई#lyrics📌🎧
ठाकुरा फड़ लै वे फड़ लै मेरी बाह लिरिक्स Thakura Fadh Ley Meri Baah Lyrics, Mata Rani Bhajan
“ठाकुरा फड़ लै वे, फड़ लै मेरी बाह” भजन में भक्त अपने आराध्य ठाकुर जी के सामने अपनी विवशता, श्रद्धा और अटूट विश्वास प्रकट करता है। भक्त प्रभु से कहता है कि हे ठाकुर जी, आपने अजामिल जैसे पापी का उद्धार किया और गणिका पर भी कृपा की, तो फिर मुझ पर भी अपनी दया क्यों नहीं करते? मैं भी आपके द्वार पर आशा लेकर आया हूँ। मेरे अपराधों को क्षमा कर दीजिए और मेरी बाँह पकड़कर मुझे अपना सहारा दे दीजिए। इस भजन की पंक्तियाँ यह भाव व्यक्त करती हैं कि प्रभु की शरण में आने वाला भक्त उनसे क्षमा, प्रेम और कृपा की आशा रखता है। 🙏
इस भजन में संसार को एक गहरी नदी और जीवन को एक पुरानी नाव के समान बताया गया है, जिसे अकेले पार करना कठिन है। भक्त स्वीकार करता है कि प्रभु के बिना उसका कोई सच्चा सहारा नहीं है। वह दिन-रात ठाकुर जी का नाम पुकारता है और उनसे प्रार्थना करता है कि उसके जीवन की कठिनाइयों को दूर करके उसे सही मार्ग दिखाएँ। इस भजन का मुख्य संदेश है कि जब मनुष्य सच्चे हृदय से प्रभु के सामने समर्पण करता है, तो उसके मन में आशा, विश्वास और आध्यात्मिक शक्ति जागती है। यह भजन हमें सिखाता है कि कठिन समय में भी प्रभु का स्मरण नहीं छोड़ना चाहिए और विनम्रता के साथ उनकी कृपा की प्रार्थना करनी चाहिए। 🌺🙏