श्री श्याम नाम की ज्योत जगा जो श्याम से लौ लगाते हैं,
खाटू से चलकर बाबा उन भक्तों के घर आते हैं,
श्री श्याम..... श्री श्याम.........श्री श्याम.....
भावों के भूखे हैं भगवन बस भाव से ही आते हैं,
त्याग के मेवा दुर्योधन का साग विदुर घर खाते हैं,
ध्रुव प्रह्लाद या जामिल को ये पल में पार लगाते हैं,
खाटू से चलकर बाबा उन भक्तों के घर आते हैं,
श्री श्याम नाम की ज्योत जगा..............
विश्वास नहीं है गर तुझको एक बार बुला कर देख ज़रा,
कर्मा मीरा और द्रोपदी नरसी ने बुलाया जिस तरह,
अपने भक्तों की आँखों में ये आंसू देख ना पाते हैं,
खाटू से चलकर बाबा उन भक्तों के घर आते हैं,
श्री श्याम नाम की ज्योत जगा..............
होगी नहीं कभी हार तेरी ये हारे का सहारा है,
छोड़ सिंहासन दौड़ पड़ा जब सुदामा ने पुकारा है,
दिलबर पंकज और पार्थ कहे जो हर पल कृपा बरसाते हैं,
खाटू से चलकर बाबा उन भक्तों के घर आते हैं,
श्री श्याम नाम की ज्योत जगा.............
श्रेणी : खाटु श्याम भजन
भावों के भूखे श्री श्याम | Bhaavon Ke Bhookhe Shri Shyam | Khatu Shyam Bhajan | Pankaj Kumar Baid
भावों के भूखे श्री श्याम लिरिक्स Bhaavon Ke Bhookhe Shri Shyam Lyrics, Khatu Shyam Ji Bhajan, by Pankaj Kumar Baid Ji
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