सात समंदर लांघ के हनुमत लिरिक्स Saat Samander Lang Ke Hanumat Lyrics Hanuman Bhajan
सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए,
हनुमत लंकानगरी आ गए......
ऐसा किया कमाल देखकर लंकावासी डर गए,
सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए,
लँकापुर पहुंचे हनुमत जी, किया प्रभु का ध्यान,
मात सिया को खोजे पवनसुत लंका में अनजान,
असुरों संग बैठी मेरी माँ ये देख क्रोध में आ गए,
सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए......
राम निशानी लिए पवनसुत पहुंचे माँ के पास,
देख निशानी जनकनन्दिनी व्याकुल भई उदास,
हनुमत मेरे प्राण.....
हनुमत मेरे प्राणनाथ को छोड़ कहाँ तुम आ गए,
सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए,
भूख लगी ले आज्ञा पवनसुत चले बगिया की और,
तोड़ तोड़ फल खाने लगे और फेंके चारों और,
देख तबा ही......
देख तबाही बगिया की रावण के सैनिक आ गए,
सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए,
बनाके बंदी रावण सन्मुख खूब किया अपमान,
सहन हुआ नही रावण से लगवा दी पूंछ में आग,
क्रोधित बजरंगी......
क्रोधित बजरंगी लंका में आग लगाके आ गए,
सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए,
सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए,
हनुमत लंकानगरी आ गए......
ऐसा किया कमाल देखकर लंकावासी डर गए,
सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए.....
श्रेणी : हनुमान भजन
"सात समंदर पार मैं तेरे " फिल्मी धुन पर हनुमान जी का भजन | Mukesh Kumar Bhajan
सात समंदर लांघ के हनुमत लिरिक्स Saat Samander Lang Ke Hanumat Lyrics, Hanuman Bhajan, by Mukesh Kumar Ji
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