जबसे तेरी चौखट पे मैंने सर को झुकाय लिरिक्स Jabse Teri Chaukhat Pe Maine Sar Ko Jhukaya Bhajan Lyrics
जबसे तेरी चौखट पे, मैंने सर को झुकाया है,
मेरा मुझझाया जीवन, फिर से मुस्काया है,
जबसे तेरी चौंखट पे, मैंने सर को झुकाया है......
( मैं हार गया होता, तेरा साथ जो ना मिलता, )
“ऐ कन्हैया,, इस दुनिया ने हमको,
क्या ना दिखाया, बदनाम करके,
जगत में हंसाया, जब सबने ही अपना,
हाथ छुड़ाया, तूने आकर गले से लगाया......
मैं हार गया होता, तेरा साथ जो ना मिलता,
मैं किसको सुना पाता, वो हाल मेरे दिल का,
जबसे तूने मुझको, सीने से लगाया है,
मेरा मुझझाया जीवन, फिर से मुस्काया है,
जबसे तेरी चौंखट पे, मैंने सर को झुकाया है......
( जो दिल में बसते थे, दिल उसने तोड़ दिया, )
“श्याम प्यारे,, देखे है मैंने जग के नज़ारे,
सब मतलब रिश्ते है, झूठे है सारे, लगाकर गले से,
खंजर ही मारे, मैं जी रहा हूँ तेरे सहारे”
जो दिल में बसते थे, दिल उसने तोड़ दिया,
जो साथ में चलते थे, मुंह उन ने मोड़ लिया,
जबसे तूने मुझको, सीने से लगाया है,
मेरा मुझझाया जीवन, फिर से मुस्काया है,
जबसे तेरी चौंखट पे, मैंने सर को झुकाया है.....
( ना कोई तमन्ना थी, ना कोई सहारा था, )
'ऐ कन्हैया' भरोसा किया था, जिस पर भी मैंने,
उसने ही है मेरे, दिल को दुखाया,
खा खा के ठोकर, समझा हूँ अब मैं,
एक तू है अपना, जगत है पराया,
ना कोई तमन्ना थी, ना कोई सहारा था,
कोई पानी ना पूछे, ऐसा भी नज़ारा था,
'किशोरी दास' कहे जबसे, तूने अपना बनाया है,
मेरा मुझझाया जीवन, फिर से मुस्काया है,
जबसे तेरी चौंखट पे, मैंने सर को झुकाया है.....
जबसे तेरी चौखट पे, मैंने सर को झुकाया है,
मेरा मुझझाया जीवन, फिर से मुस्काया है,
जबसे तेरी चौंखट पे, मैंने सर को झुकाया है.....
श्रेणी : खाटु श्याम भजन
जबसे तेरी चौखट पे मैंने सर को झुकाया | Shyam Bhajan | Jabse Teri Chaukhat Pe | Kishori Dass Kanishk
जबसे तेरी चौखट पे मैंने सर को झुकाय लिरिक्स Jabse Teri Chaukhat Pe Maine Sar Ko Jhukaya Bhajan Lyrics, Khatu Shyam Bhajan, by Kishori Dass Kanishk Ji
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