जरी की पगड़ी बाँधे सुन्दर आँखों वाला
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे प्यारा ।
ज़री की पगड़ी बाँधे...
कानों में कुण्डल साजे, सिर मोर मुकुट विराजे,
सखियाँ पगली होती, जब - जब होठों पे बंशी बाजे ।
हैं चंदा यह सांवरा, तारे हैं ग्वाल बाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे प्यारा ॥
लट घुँघराले बाल, तेरे गोरे गोरे बाल,
सुन्दर श्याम सलोना तेरी टेडी मेडी चाल ।
हवा में सर - सर करता तेरा पीताम्बर मतवाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे प्यारा ॥
तू जब बंशी बजाए तब मोर भी नाच दिखाए,
यमुना में लहरें उठती और कोयल भी कू - कू गाए ।
हाथो में कँगन पहने और गल वैजयंती माला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे प्यारा ॥
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे प्यारा ।
ज़री की पगड़ी बाँधे...
श्रेणी : कृष्ण भजन
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जरी की पगड़ी बाँधे, सुन्दर आँखों वाला लिरिक्स Jari Ki Pagdi Bandhe Sundar Aankhon Wala Lyrics, Krishna Bhajan, by Singer: देवी चित्रलेखा जी
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