महागौरी माता की कथा लिरिक्स Mahagauri Ki Katha Lyrics Durga Bhajan
हाथ जोड़ मै शीश नवाऊँ महा गौरी की महिमा गाऊं
आठवा नवराता आपके नाम महागौरी माँ तुम्हे प्रणाम
आदि शक्ति का अंश कहाती शिव के दर्शन की अभिलाषी
सदा विराजे शिव के साथ पति तुम्हारे भोले नाथ
शक्ति अमोघ सत फल की दायनी महागौरी माँ सिंह वाहिनी
निर्मल छवि तुम्हारी माँ भक्तो की हितकारी माँ
अष्टमी का दिन नाम तुम्हारे भक्त तुम्हारा नाम पुकारे
जलती है ज्योत तुम्हारी माँ तुम भक्तो की प्यारी माँ
उम्र हुयी जब आठ साल की याद आ गई पूरब काल की
पिछले जन्म आ गए याद मन में बस गए भोले नाथ
इसी उम्र में तुमने माता शिव से जोड़ा मन का नाता
शिव जी को पति मान लिया तप करने को मन ठान लिया
तुमने तप का पथ अपनाया शिव को पति रूप में पाया
अष्टमी का दिन बड़ा महान पूजन का माँ बना विधान
दुर्गा सप्तसती पाठ करे जो पुण्य तिजोरी रोज भरे
जो विधि से करता पूजन धन्य हुआ उसका जीवन
महागौरी माँ तुम हो दयालु भोली भाली और कृपालु
तुम हो दयालु तुम दयावान करती हो माँ जगत कल्याण
तुमने माँ जब शिव तप कीन्हा केवल कंद मूल फल लीन्हा
यही तुम्हारा था आहार तुम्हे नमन माँ बारम्बार
जल के बदले वायु पीकर तप करती माँ ऐसे जी कर
कठिन तपस्या तुमने की महादेव शिव शंकर की
महान गौरव तुमने पाया महागौरी माँ नाम कहाया
प्रगट हुए शंकर भगवान् दिया तुम्हे इच्छित वरदान
गंगा में स्नान कराया स्वर्ण वर्ण तन तुमने पाया
पाया तुमने कंचन रूप अति मन भावन दिव्य स्वरुप
उज्जवल चंद्र छवि तुम पाई महागौरी कोशकी कहलाई
दुनिया करे तुम्हारा ध्यान तुम सबका करती कल्याण
दास है माँ सुखदेव तुम्हारा माँ कर दो कल्याण हमारा
जग जननी महागौरी माँ काहे की है देवी माँ
श्रेणी : दुर्गा भजन
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