माँ सिद्धिदात्री की कथा लिरिक्स Siddhidatri Ki Katha Lyrics Durga Bhajan
आदि शक्ति की वंदना गाऊं सिद्धिदात्री की कथा सुनाऊ
जय सिद्धिदात्री जय जय माँ आदि शक्ति तेरी जय जय माँ
एक बार भोले शिव शंकर तप करते एकांत में जा कर
सिद्धिदात्री नामो का जाप करते है शिव भोले नाथ
घोर तपस्या वो करते है सिद्धिदात्री को खुश करते है
करे तपस्या शिव भगवान् सिद्धिदात्री का कर के ध्यान
सिद्धिदात्री प्रगट हो कर शिव बोली है खुश हो कर
चेहरे पर लाकर मुस्कान बोली माँ मांगो वरदान
हे शिव भोले आँखे खोलो क्या इच्छा है मुँह से बोलो
हे शिव शंकर कृपा निधान मुँह माँगा ले लो वरदान
अष्टम सिद्धिओं का वर दे दो मुझको ये इच्छित माँ वर दे दो
हे कल्याणी हे दयावान दे दो बस इतना वरदान
माँ ने वर प्रदान किया है वहां से फिर प्रस्थान किया
सिद्धिदात्री करे पूर्ण काम तुम्हे नमन है तुम्हे प्रणाम
आधा शरीर नारी का पाए अर्धनारीश्वर शिव कहलाये
नमो शिवाय ॐ नमः शिवाय अर्धनारीश्वर नाम कहाये
महादेव भोले शिव शंकर कहलाते है अर्धनारीश्वर
अर्धनारीश्वर पावन रूप अति मनभावन दिव्य स्वरुप
अर्धनारीश्वर नाम कहाये तीनो लोक में पूजे जाए
जय शिव शंकर भोले नाथ अर्धनारीश्वर बन गए आप
आदि शक्ति है रूप है सारे अलग अलग है नाम तुम्हारे
आदि भवानी तुम हो माँ जग कल्याणी तुम हो माँ
नवमी की पूजा हो तुम्हारी कंजक जिमाये दुनिया सारी
घर घर में बनते पकवान करती हो माँ सबका कल्याण
श्रेणी : दुर्गा भजन
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