बसंत की बहार हैं फूलो का त्यौहार हैं
!! बसंत पंचमी का एक नया भजन !!
बसंत की बहार हैं, फूलो का त्यौहार हैं,
आजा मेरे मोहन आजा, तेरा इंतज़ार हैं,
तेरे बिना मैं कैसे, बसंत मनाऊगी,
तू ना आया जो मोहन, मैं तो रूठ जाऊगी,
मुझको तुझसे प्यार हैं, तू मेरा दिलदार हैं,
आजा मेरे मोहन आजा, तेरा इंतज़ार हैं,
बसंत की बहार हैं, फूलो का त्यौहार हैं,
आजा मेरे मोहन आजा, तेरा इंतज़ार हैं,
पहले कभी ना तेरा, मेने इंतज़ार किया,
जब से हुई ही तेरी, तुझसे ही प्यार किया,
अब ना होता इंतज़ार हैं, दिल ये बेक़रार हैं,
आजा मेरे मोहन आजा, तेरा इंतज़ार हैं,
बसंत की बहार हैं, फूलो का त्यौहार हैं,
आजा मेरे मोहन आजा, तेरा इंतज़ार हैं,
तुझसे ये रिश्ता मेरा, सदियों पुराना,
दिल ये मेरा कान्हा, बस तेरा ही दीवाना,
सुन ले दिल की पुकार ये, तू ही मेरा यार हैं,
आजा मेरे मोहन आजा, तेरा इंतज़ार हैं,
बसंत की बहार हैं, फूलो का त्यौहार हैं,
आजा मेरे मोहन आजा, तेरा इंतज़ार हैं,
Lyrics – Jay Prakash Verma, Indore
श्रेणी : कृष्ण भजन
यह कृष्ण भजन (बसंत पंचमी विशेष) बसंत ऋतु की रंगीन खुशबू, प्रेम-भक्ति और श्रीकृष्ण के मिलन की मधुर प्रतीक्षा को अत्यंत कोमल भाव में प्रस्तुत करता है। इस भजन के गीतकार जय प्रकाश वर्मा, इंदौर हैं। भजन में बसंत की बहार और फूलों के त्यौहार को कान्हा के बिना अधूरा बताया गया है, जहाँ भक्तिन प्रेमपूर्वक मोहन को पुकारते हुए उनके आगमन की राह देखती है। हर पंक्ति में विरह, अनुराग और आत्मीय संबंध की झलक मिलती है, मानो राधा-भाव में डूबी हुई आत्मा अपने प्रिय श्याम से मिलने को व्याकुल हो। यह भजन श्रोता के मन में उत्सव, प्रेम और भक्ति का सुंदर संगम रचता है तथा यह संदेश देता है कि सच्चे प्रेम में हर पर्व और हर मौसम भगवान की उपस्थिति से ही पूर्ण होता है।
Harshit Ji ,
ReplyDeleteRadhe - Radhe ,