जहां भी देखूं कान्हा बस तुम ही नजर आओ
जहां भी देखूं कान्हा, बस तुम ही नजर आओ,
एक ऐसी भक्ति, मन में मेरे तुम जगाओ,
मेरे श्याम मेरे कान्हा, तुम मेरे बन जाओ,
जब भी पुकारू तुमको, तुम दौड़े चले आओ,
एक बार आके मोहन, मुझको गले लगाओ,
जहां भी देखूं कान्हा, बस तुम ही नजर आओ,
नरसिंह को तुम मिले हो, सुदामा को तुम मिले हो,
दोनों ने की थी भक्ति, दोनों को तुम मिले हो,
एक ऐसी भक्ति मोहन, मन में मेरे जगाओ,
जहां भी देखूं कान्हा, बस तुम ही नजर आओ,
भक्ति करू तो ऐसी, मैं मीरा जी के जैसी,
प्रीत करू तो ऐसी, मैं राधा जी के जैसी,
राधा सी प्रीत मोहन, मुझसे भी तुम लगाओ,
जहां भी देखूं कान्हा, बस तुम नजर आओ,
Bhajan Lyrics & Voice - Jay Prakash Verma, Indore
श्रेणी : कृष्ण भजन
जहां भी देखु कान्हा बस तुम ही नजर आओ।। #krishna #kanha #latestkrishnabhajan2022 #krishnabhajan
यह कृष्ण भजन श्रीकृष्ण के सर्वव्यापक स्वरूप, निष्काम प्रेम और सच्ची भक्ति की लालसा को अत्यंत कोमल और भावपूर्ण शब्दों में व्यक्त करता है। इस भजन के गीतकार एवं गायक जय प्रकाश वर्मा, इंदौर हैं। भजन में भक्त ऐसी भक्ति की कामना करता है जिसमें उसे हर ओर केवल कान्हा ही दिखाई दें और मन पूरी तरह कृष्णमय हो जाए। नरसिंह, सुदामा, मीरा और राधा जैसे भक्तों के उदाहरणों के माध्यम से यह भजन सिखाता है कि सच्ची श्रद्धा और प्रेम से भगवान स्वयं भक्त के पास चले आते हैं। यह भजन श्रोता के हृदय में वैराग्य, प्रेम और अनन्य कृष्ण-भक्ति का भाव जाग्रत करता है और यह अनुभूति कराता है कि जब भक्ति सच्ची हो, तो हर दृष्टि में केवल कन्हैया ही नजर आते हैं।
राधे राधे सर जी,
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद आपका 🙏🙏