तेरे द्वार खड़ा हूँ श्याम तू भर दे रे झोली
तेरे द्वार खड़ा हूँ श्याम, तू भर दे रे झोली,
हो श्याम भर दे रे झोली,
तेरा होगा बड़ा उपकार, अगर तू सुन ले मेरी पुकार,
श्याम भर दे रे झोली, हो श्याम भर दे रे झोली,
छोड़ दिए सारे रिश्ते मैंने, छोड़ दिया जग सारा,
भक्ति मांगने आया तेरे दर, भगत ये दुखियारा रे, भगत ये दुखियारा,
तेरा होगा बड़ा एहसान, अगर मिल जाए भक्ति का ज्ञान,
श्याम भर दे रे झोली, हो श्याम भर दे रे झोली,
लुटा चुका हूँ सब कुछ अपना, मान के कहना तेरा,
तू भी मिटा दे पल में मेरा, जन्म जन्म का फेरा रे, जनम जनम का फेरा,
तू कर दे एक उपकार, करा दे भव से मुझे तू पार,
श्याम भर दे रे झोली, हो श्याम भर दे रे झोली,
आ ही गया अब दर पे तेरे, खाली हाथ ना जाऊं,
तू है दाता बड़ा ही दयालु, प्यार तेरा में पाऊं रे, प्यार तेरा में पाऊं,
तेरा होगा बड़ा उपकार,अगर मिल जाए थोड़ा प्यार,
श्याम भर दे रे झोली, हो श्याम भर दे रे झोली,
माता तू ही है, पिता तू ही है, सब कुछ है तू मेरा,
तुझसे प्रीत लगा के कान्हा, भक्त बना मैं तेरा रे, भक्त बना मैं तेरा,
मेरी नैया खड़ी मझदार, लगा दे भव से इसे तू पार,
श्याम भर दे रे झोली हो, श्याम भर दे रे झोली,
Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore
Bhajan Voice - Jay Prakash & Priya Verma, Indore
श्रेणी : कृष्ण भजन
तेरे द्वार खड़ा हूँ श्याम तू भर दे रे झोली, #shyam #shyambhajan2022 #khatushyam #latestshyambhajan
यह कृष्ण / खाटू श्याम भजन पूर्ण शरणागति, दीनता और करुणा की याचना को अत्यंत भावुक शब्दों में व्यक्त करता है। इस भजन के गीतकार जय प्रकाश वर्मा, इंदौर हैं तथा इसे जय प्रकाश वर्मा एवं प्रिया वर्मा ने भावपूर्ण स्वर में गाया है। भजन में भक्त श्याम के द्वार पर खड़ा होकर सांसारिक रिश्तों और मोह को त्याग कर केवल भक्ति की झोली भरने की प्रार्थना करता है। वह श्याम को माता-पिता और सर्वस्व मानते हुए भवसागर से पार लगाने की विनती करता है। यह भजन श्रोता के हृदय को गहराई से छूता है और यह भाव जगाता है कि जब भक्त सच्चे मन से द्वार पर पुकारता है, तो दयालु श्याम उसे कभी खाली हाथ नहीं लौटाते।