श्याम के चरणों में मन को लगाओ, राधे राधे जपते जाओ
श्याम के चरणों में, मन को लगाओ,
राधे राधे, जपते जाओ,
बड़ा ही प्यारा, ये नाम राधा,
सुबह शाम बस, जपते ही जाओ
बृज की हर एक, गली में राधा,
बृज की हर एक, कली में राधा,
बृज की हर एक, गली में राधा,
बृज की हर एक, कली में राधा,
बड़ा ही प्यारा, ये नाम राधा,
सुबह शाम बस, जपते ही जाओ,
श्याम के चरणों में, मन को लगाओ,
राधे राधे, जपते जाओ,
बड़ा ही प्यारा, ये नाम राधा,
सुबह शाम बस, जपते ही जाओ
श्याम के दिल में, बसी है राधा,
राधा बिना तो, श्याम है आधा,
श्याम के दिल में, बसी है राधा,
राधा बिना तो, श्याम है आधा,
बड़ा ही प्यारा, ये नाम राधा,
सुबह शाम बस, जपते ही जाओ,
श्याम के चरणों में, मन को लगाओ,
राधे राधे, जपते जाओ,
बड़ा ही प्यारा, ये नाम राधा,
सुबह शाम बस, जपते ही जाओ,
बिन मांगे, सब देती है राधा,
दुख सारे सब, हर लेती है राधा,
बिन मांगे, सब देती है राधा,
दुख सारे सब, हर लेती है राधा,
बड़ा ही प्यारा, ये नाम राधा,
सुबह शाम बस, जपते ही जाओ,
श्याम के चरणों में, मन को लगाओ,
राधे राधे, जपते जाओ,
बड़ा ही प्यारा, ये नाम राधा,
सुबह शाम बस, जपते ही जाओ
Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore
श्रेणी : कृष्ण भजन
श्याम के चरणों में मन को लगाओ ।। राधे राधे जपते जाओ ।। #radhekrishna #bankebihari #krishnabhajan
यह मधुर और भक्तिमय कृष्ण भजन “श्याम के चरणों में मन को लगाओ, राधे राधे जपते जाओ” प्रसिद्ध भजन लेखक Jay Prakash Verma द्वारा रचित है, जो Indore से संबंध रखते हैं। इस भजन में भक्ति का अत्यंत सरल, मधुर और प्रभावशाली मार्ग बताया गया है—कि मन को भगवान के चरणों में लगाकर उनके नाम का निरंतर जाप करना ही सच्ची शांति और आनंद का स्रोत है।
भजन का मुख्य भाव Radha और Krishna के दिव्य प्रेम और भक्ति पर आधारित है। इसमें “राधे-राधे” नाम की महिमा का वर्णन किया गया है, जिसे जपने से मन पवित्र होता है और जीवन के दुख दूर होते हैं। भजन यह दर्शाता है कि ब्रज की हर गली, हर कली में राधा का वास है, यानी पूरा ब्रज धाम उनकी भक्ति और प्रेम से भरा हुआ है।
इस भजन में एक बहुत सुंदर भाव व्यक्त किया गया है कि “श्याम के दिल में बसी है राधा, राधा बिना तो श्याम है आधा”—अर्थात भगवान श्रीकृष्ण भी राधा के बिना अधूरे हैं। यह पंक्ति राधा-कृष्ण के अटूट और अद्वितीय प्रेम को दर्शाती है, जो भक्ति का सर्वोच्च रूप माना जाता है। साथ ही यह भी बताया गया है कि राधा रानी बिना मांगे ही अपने भक्तों की झोली भर देती हैं और उनके सभी दुख हर लेती हैं।
पूरे भजन का सार यह है कि यदि मनुष्य सच्चे भाव से “राधे-राधे” का जाप करता रहे और अपने मन को श्याम के चरणों में लगा दे, तो उसका जीवन सुख, शांति और भक्ति से भर जाता है। यह भजन भक्तों को सरल भक्ति मार्ग अपनाने और हर समय भगवान के नाम में लीन रहने की प्रेरणा देता है।