जय जय राम जय सिया राम प्यारी सीता प्यारे राम
जय जय राम, जय सिया राम,
प्यारी सीता, प्यारे राम,
जय जय राम, जय सिया राम,
प्यारी सीता, प्यारे राम,
बस एक बाण से ही तुमने, ताड़का का उद्धार किया,
अपने चरण की रज से ही तुमने, अहिल्या को तार दिया,
बस एक बाण से ही तुमने, ताड़का का उद्धार किया,
अपने चरण की रज से ही तुमने, अहिल्या को तार दिया,
जय जय राम, जय सिया राम,
प्यारी सीता, प्यारे राम,
जय जय राम, जय सिया राम,
प्यारी सीता, प्यारे राम,
सीता के स्वयंवर में तुमने, शिव जी के धनुष को तोड़ दिया,
जनक नंदिनी सीता से तुमने, जन्मो का नाता जोड़ लिया,
सीता के स्वयंवर में तुमने, शिव जी के धनुष को तोड़ दिया,
जनक नंदिनी सीता से तुमने, जन्मो का नाता जोड़ लिया,
जय जय राम, जय सिया राम,
प्यारी सीता, प्यारे राम,
जय जय राम, जय सिया राम,
प्यारी सीता, प्यारे राम,
रघुकुल के सम्मान की खातिर, तुमने पिता का वचन निभाया,
लक्ष्मण और सीता के साथ, तुमने वन में जीवन बिताया,
रघुकुल के सम्मान की खातिर, तुमने पिता का वचन निभाया,
लक्ष्मण और सीता के साथ, तुमने वन में जीवन बिताया,
जय जय राम, जय सिया राम,
प्यारी सीता, प्यारे राम,
जय जय राम, जय सिया राम,
प्यारी सीता, प्यारे राम,
हनुमान और अंगद जैसे, वीरो के तुम स्वामी हो,
मन की बाते पढ़ लेते हो, प्रभु तुम तो अंतर्यामी हो,
हनुमान और अंगद जैसे, वीरो के तुम स्वामी हो,
मन की बाते पढ़ लेते हो, प्रभु तुम तो अंतर्यामी हो,
जय जय राम, जय सिया राम,
प्यारी सीता, प्यारे राम,
जय जय राम, जय सिया राम,
प्यारी सीता, प्यारे राम,
खर दूषण जैसे राक्षसो का, पल में तुमने संहार किया,
जब रावण ने हर ली सीता, रावण को तुमने मार दिया,
खर दूषण जैसे राक्षसो का, पल में तुमने संहार किया,
जब रावण ने हर ली सीता, रावण को तुमने मार दिया,
जय जय राम, जय सिया राम,
प्यारी सीता, प्यारे राम,
जय जय राम, जय सिया राम,
प्यारी सीता, प्यारे राम,
Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore
श्रेणी : राम भजन
जय जय राम जय सिया राम प्यारी सीता प्यारे राम ।। श्री राम भजन - 2026 ।। #ram #ramayan #rambhajan
यह राम भजन भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और माता सीता के प्रति उनके अटूट प्रेम का सुंदर वर्णन करता है। “जय जय राम, जय सिया राम, प्यारी सीता, प्यारे राम” की मधुर पंक्तियाँ भक्तों के मन में श्रीराम और माता सीता के प्रति श्रद्धा और भक्ति का भाव जगाती हैं।
भजन में भगवान श्रीराम की लीलाओं का वर्णन किया गया है। ताड़का का उद्धार, अपने चरणों की रज से अहिल्या का उद्धार और सीता स्वयंवर में भगवान शिव के धनुष को तोड़कर माता सीता से विवाह करना उनके जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाता है।
आगे भजन में श्रीराम के त्याग और मर्यादा का भाव प्रकट होता है। पिता के वचन और रघुकुल की परंपरा का सम्मान करते हुए उन्होंने माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ वनवास स्वीकार किया। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि श्रीराम ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य और आदर्शों का साथ नहीं छोड़ा।
भजन में हनुमान जी और अंगद जैसे महान भक्तों एवं वीरों का भी स्मरण किया गया है, जो भगवान श्रीराम के प्रति अपनी अटूट निष्ठा और समर्पण के लिए जाने जाते हैं। खर-दूषण का वध और माता सीता के हरण के बाद रावण का अंत श्रीराम की धर्म की रक्षा और अधर्म पर विजय का संदेश देता है।
इस भजन के माध्यम से भक्त भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, माता सीता के पवित्र प्रेम, त्याग, मर्यादा और धर्म की महिमा को याद करते हैं। इसे सुनकर मन में राम नाम का स्मरण और भक्ति का भाव जागृत होता है। जय श्रीराम! जय सिया राम!
इस भजन के बोल जय प्रकाश वर्मा, इंदौर द्वारा लिखे गए हैं।
Radhe Radhe Sir ,
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