Khatu Shyam Birthday Date - Baba Shyam Janmotsav 2022

Khatu Shyam Birthday Date - Baba Shyam Janmotsav 2022


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श्री खाटूश्याम जन्मोत्सव- 

श्री खाटूश्याम जी का जन्मोत्सव हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की देव उठनी एकादशी को बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है। 2022 में यह 4 नवम्बर दिन शुक्रवार के दिन है। श्री श्याम बाबा का स्नान श्री श्याम मंदिर कमेटी के द्वारा बाबा श्याम को रूह के इत्र से स्नान करवाकर गुलाब, चंपा, चमेली सहित अनेक प्रकार के फूलों के बने गजरों से बाबा श्याम को सजाया जाता है। मावे का केक भक्त बाबाश्याम को चढाते है। रंग-बिरंगे गुबारों से मंदिर को सजाया जाता है और बाबा का जन्मदिन बड़े हर्षोल्लास व धूम-धाम से मनाया जाता है। खाटूनगरी में बाबाश्याम के जन्मदिवस को लेकर भक्तो में बहुत उमंग है। मार्केट में मावे मिश्री के केक तैयार है। श्यामभक्त बाबा को रिझाने के लिये तरह तरह के केक चोकलेट उन्हें अर्पित करते है।


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श्याम जन्मोत्सव में भक्त-

लाखो की संख्या में श्यामभक्त श्यामबाबा के दरबार में अपनी हाजरी लगाने आते हैं। अपने ईष्ट का जन्मदिन मनाने और दो दिवसीय मासिक मेले में शामिल होने के लिये लाखों श्रद्धालु खाटू पहुंचते हैं। श्याम बाबा का जन्मदिन मनाने के लिये देशभर से आये श्यामभक्त देवउठनी एकादशी जो 4 नवम्बर, शुक्रवार के दिन खाटूधाम में एकत्र होंगे। इस दिन का सभी श्यामभक्त कई दिनों से बेसब्री से इंतजार कर रहे होते हैं। श्याम दरबार में फाल्गुन मेले के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा मेले का आयोजन होता है। जन्मोत्सव पर भक्त अनेक प्रकार के केक का भोग लगाकर बाबा श्याम को जन्मदिन की बधाई देते हैं। कई श्याम भक्त पैदल चलकर तो कोई पेट पलायन आकर बाबा के दरबार में शीश झुकाते हैं। ऐसे भी श्रद्धालु दरबार में आते हैं, जिनकी गोद सूनी होती है। जो बाबा को बांसुरी व खिलौने एवं मोरछड़ी चढ़ाकर गोद भरने के लिये मन्नत मांगते हैं। कई नारियल बांधकर अपने परिवार की सुख स्मृद्धि की कामना करते हैं।



खाटूश्याम मन्दिर की सजावाट-

श्री श्याम मंदिर कमेटी श्याम जन्मोत्सव पर मंदिर को सजाने के लिये वृंदावन में बांके बिहारी के मंदिर में होने वाले फूल और वृंदावन से विशेष कारीगर बुलाये जाते हैं। वृंदावन से आये बांके बिहारी डेकोरेटर्स मंदिर को सजाने के लिये गेंदा, गुलाब, कूंद, बेला, लीली, गुलदावरी सहित इंग्लिश फूल ओरकेट, जरवरा, एंथेनियम, कारनेशम के फूलों से मंदिर को सजाते है। इसके अलावा श्याम जन्मोत्सव पर बाबा श्याम मंदिर के सिंह द्वार पर लड्डू गोपाल और मुरलीधर कन्हैया की झांकी भी सजायी जाती है। श्रद्धालुओं को श्याम दर्शन से पहले मंदिर प्रवेश पर इनके दर्शन होंगे। मुख्य कारीगर ने तीस कुशल बंगाली कारिगरों ने पूरे मंदिर को बांस की खपच्ची पर सुनहरी कपड़ा लगाकर उसपे बांसुरी, माखन से भरी कुलरी का खिलौना, पाइपनुमा फोम पर रंग बिरंगे कपड़ा लगाकर कई प्रकार की आकृतियों से सजाया है।



खाटूश्याम की धर्मशालायें व होटल-

देश विदेश से आये लाखो श्याम भक्तों से दशमी की शाम को ही धर्मशालायें और होटलें फुल हो जाती है। वैसे तो खाटूधाम में कई धर्मशालायें और होटलें हैं। उसके बावजूद भी ये जन्मोत्सव के उत्सव पर फुल हो जाती हैं। सभी धर्मशालायें और होटलें तकरीबन दो माह पहले ही बुक हो चुकी हैं। इनमें प्रमुख धर्मशालायें श्री श्याम मित्र मण्डल कोलकाता, पंचायती विश्राम गृह, न्यू हैदराबाद धर्मशाला, श्रीधाम धर्मशाला, होटल श्याम, होटल कविता, होटल श्याम सरकार, कान्हा गेस्ट हाउस व श्री श्याम साक्षी गेस्ट हाउस आदि हैं।

प्रसिद्ध गायक एवं कलाकार-

श्याम कीर्तन एकादशी की रात्रि को श्री श्याम मंदिर प्रांगण सहित अनेक धर्मशालाओं में श्रद्धालु श्याम बाबा की जोत जलाकर एवं केक काटकर बाबा का जन्मदिन बनाते हैं। इन धर्मशालाओं में रातभर भजन कीर्तन का आयोजन चलता है। जिसमें लखबीर सिंह लक्खा, नंदूजी महाराज, उमा लहरी, मुकेश बागड़ा, अमानत अली सहित अनेक प्रसिद्ध गायक बाबा श्याम के सुमधुर भजनों की प्रस्तुतियां देते हैं।



देवउठनी को ही क्यों मनाया जाता है जन्मदिन- 

बर्बरीक (खाटू श्याम) के महान बलिदान से काफी प्रसन्न होकर श्री कृष्ण ने बर्बरीक को वरदान दिया कि कलियुग में तुम श्याम नाम से जाने जाओगे। वरदान देने के बाद उनका शीश खाटू नगर (वर्तमान राजस्थान राज्य के सीकर जिला) में दफ़नाया गया इसलिये उन्हें खाटू श्याम बाबा कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि एक गाय उस स्थान पर आकर प्रतिदिन अपने स्तनों से दुग्ध की धारा स्वतः ही बहा रही थी। बाद में जब उस स्थान की खुदाई हुई तो वहां पर शीश प्रकट हुआ, जिसे कुछ दिनों के लिये एक ब्राह्मण को सौंप दिया गया है। एक बार खाटू नगर के राजा को स्वप्न में मन्दिर निर्माण के लिये और वह शीश मन्दिर में सुशोभित करने के लिये प्रेरित किया गया। तो उस स्थान पर मन्दिर का निर्माण किया गया और कार्तिक माह की एकादशी को शीश मन्दिर में सुशोभित किया गया। इसीलिये हमेशा देवउठनी एकादशी को ही श्री खाटूश्याम जी का जन्मदिन मनाया जाता है।



खाटू श्याम जन्मोत्सव स्पेशल भजन - Khatu Shyam Janmadin Special 2021 


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14 Comments

  1. Jai Shri khatu shyam ji

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  2. Jai ho baba shyam ji ki

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  3. Hare ka shara baba shyam hmara

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  4. Hare ka sahara baba shyam hamara

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  5. Janamdin Ki Hardik SubKamnaye

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  6. Jai baba shyam

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  7. Jai Shree Shyam Baba G 🎂🎂🎂🎂Happy Birthday Aap Ji Ko Baba Mera& Mere Pariwar Ke Sabhi Sadasyeo Kav🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻Sawikaar Karo & Humesha Apna Aashirwad Hum Sabhi Per Banaye Rakhoo Naukari Karoobaar Me Humesha Din Dugni Raat Chogani Taraki Aur Baarkat Dena Baba Mujhe Bhi Apne Darbaar Ka Bhajan Gaayak 🎤 Bana Loo Aap Ji Ki Aati Kripa Meharbaani Hogi Aap ka Dass Pariwar Sahit Narender Sehgal 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

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