गौरा माँ के लाल तुम्हे घर में बुलाते है
गौरा माँ के लाल तुम्हे घर में बुलाते है,
ज्योत जलाते है, देवा मनाते है।।
मन के इस मंदिर में आकर देवा भाग जगा दो,
घर में सुख की वर्षा करके, घर को स्वर्ग बना दो,
ज्योत जलाते है, देवा मनाते है.......
गणपति जी को मूषक प्यारा,
करके सवारी आओ,
भक्तो के जीवन से देवा,
गम को दूर हटाओ,
ज्योत जलाते है, देवा मनाते है.......
एक दन्त और लम्बोदर जी गणपति जी कहलाये,
रिद्धि सिद्धि के स्वामी गजानन कहलाये,
चार भुजाधारी ये देखो सबके विघ्न मिटाये,
सब देवो में सबसे पहले देखो पूजे जाए,
ज्योत जलाते है, देवा मनाते है.......
श्रेणी : गणेश भजन
Gora Maa Ke Lal Tumhe Ghar Main Bulate Hai " Ganesh Ji Ke Bhajan "Ganpati " Full HD Video Song
यह “श्याम सुन्दर का मन हर्षाया, राधा रानी का जन्मदिन आया” एक सुंदर और उत्सवपूर्ण राधाष्टमी कृष्ण भजन है, जिसमें श्री राधा रानी के जन्मोत्सव की खुशी को श्री कृष्ण और ब्रज के भक्तों के आनंद के साथ प्रस्तुत किया गया है। भजन की शुरुआत में बताया गया है कि राधा रानी के जन्मदिन का शुभ अवसर आते ही श्याम सुन्दर का मन प्रसन्न हो गया है। इस प्रकार राधाष्टमी को केवल राधा रानी का उत्सव न मानकर श्री राधा-कृष्ण के प्रेम और ब्रज की भक्ति का पावन पर्व बताया गया है।
इस भजन का मुख्य भाव राधा रानी के प्रति प्रेम, उत्साह, श्रद्धा और राधा-कृष्ण की भक्ति का है। भजन में कल्पना की गई है कि श्याम सुन्दर ने अपने सभी भक्तों को राधा रानी के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए बुलाया है और भक्तों को भी इस पावन अवसर का निमंत्रण प्राप्त हुआ है। “हम सब ने दर्शन पाया” जैसी पंक्तियां भक्तों के मन में राधा रानी के दर्शन से मिलने वाली खुशी और सौभाग्य की भावना को व्यक्त करती हैं।
भजन में बरसाना धाम की सुंदर सजावट का विशेष वर्णन मिलता है। राधाष्टमी के अवसर पर बरसाना को उत्सव के रंग में सजा हुआ बताया गया है और चारों ओर भक्तों में आनंद और उत्साह का वातावरण दिखाई देता है। “कैसा सुन्दर ये अवसर आया” जैसी पंक्तियां उस धार्मिक उल्लास को दर्शाती हैं, जब भक्त राधा रानी के जन्मोत्सव को मनाने के लिए एकत्र होते हैं। बरसाना को राधा रानी की जन्मभूमि और ब्रज भक्ति के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भजन में विशेष स्थान दिया गया है।
भजन के अंतिम हिस्से में राधा रानी के मनमोहक स्वरूप और श्री कृष्ण के साथ उनके प्रेम का वर्णन किया गया है। “सारे बृज की बनी वो पटरानी” और “उसने श्याम का दिल है चुराया” जैसी पंक्तियां राधा रानी के प्रति ब्रजवासियों की श्रद्धा तथा राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम को भक्तिपूर्ण शैली में व्यक्त करती हैं। यहां राधा रानी को ब्रज की गौरवशाली और सर्वप्रिय स्वरूप के रूप में प्रस्तुत किया गया है।