बारी बारी बरसी खटन गया सी
बारी बारी बरसी खटन गया सी खत के ले आनदी लोई,
सारी दुनिया देख लई माँ तेरे जेहा न कोई
बारी बारी बरसी खटन गया सी खत के ले आंदा तारा,
तेरे दर झुक जांदा एह जग दातिये सारा,
बारी बारी बरसी खटन गया सी खत के ले आंदा गहना,
आजो दर्शन कर लो पींगा झूट दियां ने बहना
बारी बारी बरसी खटन गया सी खत के ले आंदा फीहता,
ओहि लोकि तरदे जिह्ना दर्श मइयाँ दा किता,
श्रेणी : दुर्गा भजन
Baari Baari Barsi (Boliyan) Music By MASTER SALEEM I Punjabi Devi Bhajan I SONIA SHARMA, Full Audio
माँ दुर्गा की महिमा का वर्णन करते हुए ये भजन दिल को छू जाता है। "बारी बारी बरसी" बोलों में भक्त अपनी माँ की तुलना संसार की किसी चीज़ से नहीं कर सकता। माँ के दर पर सारा जग सिर झुकाता है और उनकी महिमा गाते नहीं थकता। भक्त कहता है कि माँ के दर से हर खुशी और आशीर्वाद मिलता है। माँ की ममता और कृपा अनमोल है, जिसे पाने के लिए भक्त हर बार उनके चरणों में झुकता है।
ये भजन माँ के प्रेम, शक्ति और आशीर्वाद की गहराई को दर्शाता है। इस गीत में माँ के दर्शन और उनकी लीला की झलक मिलती है। हर शब्द में भक्ति और श्रद्धा का भाव समाया हुआ है। माँ के दर पर झूठ और छल टिक नहीं पाते, सत्य और भक्ति ही यहाँ फलती-फूलती है।