महाराज गजानन आओ
महाराज गजानन आओ जी,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ जी....
पार्वती के देवा पुत्र कहलाए,
पुत्र कहलाए देवा,
पुत्र कहलाए,
तुम शंकर ध्यान लगाओ जी,
महाराज गजानन आओं जी,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ जी....
चन्दन चौकी बिछी नहाण नै,
बिछी नहाण नै,
बिछी नहाण नै,
तुम केसर तिलक लगाओ जी,
महाराज गजानन आओं जी,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ जी....
सत पकवानी थाल परोश्या,
थाल परोश्या बाबा,
थाल परोश्या,
तुम आकै भोग लगाओ जी,
महाराज गजानन आओं जी,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ जी....
तानसेन बाबा तेरे गुण गावै,
तेरे गुण गावै बाबा,
तेरे गुण गावै,
तुम आकै दर्श दिखाओ जी,
महाराज गजानन आओं जी,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ जी.....
श्रेणी : गणेश भजन
महाराज गजानन, हमारे जीवन के आराध्य, आपकी कृपा से जीवन में रंग और खुशहाली का संचार होता है। आप पार्वती के देवपुत्र और शिव के ध्यान के आधार हैं। आपकी उपस्थिति से हमारी सभा पवित्र हो जाती है। चंदन की चौकी, केसर का तिलक, और सत पकवानों का भोग आपके स्वागत के प्रतीक हैं। आपके आगमन से हमारे दिलों में भक्ति और आनंद का सागर उमड़ पड़ता है। तानसेन भी आपके गुणों का गान करते हैं, और हम सभी आपके दर्शन के लिए व्याकुल रहते हैं। महाराज गजानन, हमारे जीवन में आकर रंगों की बरसात करें और हमें अपनी कृपा से अनुग्रहित करें। आपका आशीर्वाद हमारे जीवन को सच्चे अर्थों में धन्य बना देता है। आओ महाराज गजानन, और हमारी सभा को अपनी दिव्य उपस्थिति से पवित्र करें।