आये नवराते मैया री तेरे आये
जय जय माँ मेरी शेरोवाली माँ..
आये नवराते मैया री तेरे आये नवराते माँ,
घर घर खुशी मनावै तेरे होण लगे जगराते,
आये नवराते मैया री तेरे आये नवराते माँ.....
हे री लाल रंग लहरावै कोई नाचो से कोई गावै,
बड़ा रंग भगत बरसाते,
आये नवराते मैया री तेरे आये नवराते माँ...
कोई व्रत से नौ दिन का कोई कस्ट उठावै तन का,
तेरी चुनरी छत्र चढ़ाते,
आये नवराते मैया री तेरे आये नवराते माँ....
तेरी ज्योत जगै घर घर मैं ना कोई काम कसर मैं,
सब यज्ञ हवन करवाते,
आये नवराते मैया री तेरे आये नवराते माँ.....
श्रेणी : दुर्गा भजन
नवरात्रि गीत▹आये नवराते मैया री तेरे आये नवराते माँ |Mata Rani Ka Geet |Mata Bhajan |NAVRATRI BHAJAN
यह “आये नवराते मैया री तेरे आये नवराते माँ” एक भक्तिमय दुर्गा भजन और नवरात्रि गीत है, जिसमें नवरात्रि के पावन पर्व के आगमन पर माता रानी के भक्तों के बीच उमंग, उत्साह और भक्ति का सुंदर वर्णन किया गया है। भजन की शुरुआत “जय जय माँ मेरी शेरोंवाली माँ” के जयकारे से होती है और इसमें भक्त माता के नवरात्रों के आने पर घर-घर में खुशियां मनाने तथा जगराते होने की भावना व्यक्त करते हैं। यह गीत नवरात्रि के दौरान होने वाले धार्मिक उत्सव, माता की चौकी और सामूहिक भक्ति का जीवंत चित्र प्रस्तुत करता है।
इस भजन का मुख्य भाव माता रानी के प्रति श्रद्धा, नवरात्रि का उत्साह, सामूहिक भक्ति और धार्मिक आस्था है। इसमें बताया गया है कि नवरात्रि के दिनों में भक्त लाल रंग की चुनरी और माता के ध्वज के साथ भक्ति में झूमते हैं, कोई नाचता है तो कोई माता के भजन गाता है। “बड़ा रंग भगत बरसाते” जैसी पंक्ति नवरात्रि के दौरान भक्तों के उत्साह और भक्ति के आनंद को दर्शाती है। इस समय पूरा वातावरण माता के जयकारों और भक्ति के रंग में रंग जाता है।
भजन में नवरात्रि के दौरान किए जाने वाले नौ दिनों के व्रत, माता को चुनरी और छत्र चढ़ाने तथा ज्योत जलाने की परंपराओं का भी वर्णन मिलता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार नौ दिनों तक व्रत रखते हैं और माता रानी के प्रति अपना समर्पण प्रकट करते हैं। वहीं घर-घर में माता की ज्योत जगाने और यज्ञ-हवन करवाने का उल्लेख नवरात्रि की धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं को दर्शाता है। इस भजन में नवरात्रि को केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भक्ति, उत्सव और सामूहिक आनंद का अवसर बताया गया है।