हमें श्याम तुमसे बहुत प्यार है
हमें श्याम तुमसे बहुत प्यार है,
तेरे सिवा कुछ भी ना दरकार है....
मोहब्बत तुम्हीं से इबादत तुम्हीं से,
है हम प्रेमियों की हिफाज़त तुम्हीं से,
तेरे जैसे दिलबर की दरकार है,
हमें श्याम तुमसे बहुत प्यार है.....
तुमने अगर जो ठुकराया प्यारे,
बोलो जियें फिर किसके सहारे,
तेरे ही करम से ये परिवार है,
हमें श्याम तुमसे बहुत प्यार है.....
"रसिक" तेरा ना एहसान भूले,
भूले ज़माना चाहे तेरा दर ना भूले,
मुस्कान मेरी तेरा द्वार है,
हमें श्याम तुमसे बहुत प्यार है.....
श्रेणी : कृष्ण भजन
हमें श्याम तुमसे बहुत प्यार है | श्याम भजन | by Teena Bhalotia | Hame Shyam Tumse Bhaut Pyar Hai
यह भजन भगवान श्री कृष्ण (श्याम) के प्रति गहरी प्रेम-भक्ति को व्यक्त करता है। “हमें श्याम तुमसे बहुत प्यार है” एक आधुनिक कृष्ण भजन है, जिसे भजन गायिका Teena Bhalotia ने गाया है। इसके रचयिता के रूप में “रसिक” नाम का उल्लेख मिलता है, जो संभवतः कवि/भक्त का उपनाम (तख़ल्लुस) है, जैसा कि कई भक्ति रचनाओं में होता है।
इस भजन का मूल भाव “एकनिष्ठ प्रेम और समर्पण” है। इसमें भक्त कहता है कि उसे श्याम के अलावा किसी और चीज़ की आवश्यकता नहीं है—प्रेम भी उन्हीं से, इबादत भी उन्हीं से, और जीवन की सुरक्षा भी उन्हीं पर निर्भर है। यह भक्ति का वह रूप है जहाँ भगवान को जीवन का केंद्र मान लिया जाता है। जब भक्त कहता है “तुमने अगर जो ठुकराया प्यारे, बोलो जियें फिर किसके सहारे”, तो यह पूर्ण निर्भरता (श्रद्धा और आश्रय) का भाव दर्शाता है।
भजन में “तेरे ही करम से ये परिवार है” पंक्ति यह बताती है कि भक्त अपने पूरे जीवन, परिवार और सुख-दुख का श्रेय भगवान को देता है। अंत में “रसिक तेरा ना एहसान भूले” के माध्यम से कृतज्ञता (gratitude) का भाव प्रकट होता है—चाहे दुनिया भूल जाए, पर भक्त भगवान का दर (द्वार) नहीं भूलता।
यह भजन उत्तर भारत की भक्ति परंपरा, खासकर ब्रज और वैष्णव भक्ति शैली से जुड़ा हुआ है, जहाँ भगवान कृष्ण को प्रेमी, रक्षक और जीवनदाता के रूप में पूजा जाता है। पूरे भजन में प्रेम, समर्पण, विश्वास और आभार का सुंदर संगम देखने को मिलता है।