मईया जी का लगया दरबार
मईया जी का लगया दरबार,
दर्श कर आओ भगतो,
दर्श कर आओ भगतो,
दर्श कर आओ भगतो,
मईया जी का लगया दरबार,
दर्श कर आओ भगतो.....
मईया सबकी कष्ट मिटाती,
सोया भाग्य पल में जगाती,
मईया जी का लगया दरबार,
दर्श कर आओ भगतो......
मनोकामना पूरी करती,
भक्तो की माँ झोली भरती,
मईया जी का लगया दरबार,
दर्श कर आओ भगतो......
भक्तो का उद्धार माँ करती,
सबका बेड़ा माँ पार है करती,
मईया जी का लगया दरबार,
दर्श कर आओ भगतो......
श्रेणी : दुर्गा भजन
माता रानी के इस भजन को सुनने से सारे कष्ट दूर होते है | Mata Bhajan 2022 | New Mata Bhajan | Devi
यह भजन माँ दुर्गा (माता रानी) की महिमा और उनके दरबार की कृपा को दर्शाता है। “मईया जी का लगया दरबार” एक पारंपरिक/लोक शैली का दुर्गा भजन है, जिसके रचयिता के बारे में निश्चित जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे भजन आमतौर पर भक्ति परंपरा में पीढ़ी-दर-पीढ़ी गाए जाते हैं, विशेषकर माता की चौकी, जागरण और नवरात्रि जैसे पावन अवसरों पर।
इस भजन का मुख्य भाव “श्रद्धा, आस्था और देवी की कृपा में विश्वास” है। इसमें भक्तों को माँ के दरबार में जाकर दर्शन करने का निमंत्रण दिया गया है —“दर्श कर आओ भगतो”। यह पंक्ति बताती है कि माँ का दरबार खुला है और हर भक्त वहाँ जाकर उनकी कृपा प्राप्त कर सकता है।
भजन में माँ की करुणा और शक्ति का वर्णन है —“मईया सबकी कष्ट मिटाती, सोया भाग्य पल में जगाती” यानी देवी अपने भक्तों के दुख दूर करती हैं और उनकी किस्मत बदल सकती हैं। “मनोकामना पूरी करती, भक्तों की माँ झोली भरती” से यह भाव प्रकट होता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी खाली नहीं जाती।
अंत में “सबका बेड़ा पार है करती” पंक्ति यह दर्शाती है माँ दुर्गा अपने भक्तों को जीवन की कठिनाइयों और संकटों से पार लगाती हैं, यानी उन्हें सही मार्ग और सफलता की ओर ले जाती हैं।
कुल मिलाकर, यह भजन भक्तों को माँ के दरबार में आने, उन पर विश्वास रखने और उनकी कृपा से जीवन के दुखों को दूर करने की प्रेरणा देता है।