सिंघ पे चढ़के आ रहीं मैया
सिंघ पे चढ़के आ रहीं मैया,
हो रही जय जयकार....
का रंग चुनरी का रंग गोटा,
का रंग फूलन हार,
लाल रंग चुनरी लाल रंग गोटा,
लाल रंग फूलन हार,
सिंघ पे चढ़के आ रहीं मैया,
हो रही जय जयकार....
का रंग बिंदिया का रंग एरंग,
का रंग नथुनी डार,
लाल रंग बिंदिया लाल रंग एरंग,
लाल रंग नथुनी डार,
सिंघ पे चढ़के आ रहीं मैया,
हो रही जय जयकार....
का रंग चरण महावर का रंग,
का रंग सिंघ सवार,
लाल रंग चरण महावर लाल रंग,
लाल रंग सिंघ सवार,
सिंघ पे चढ़के आ रहीं मैया,
हो रही जय जयकार....
का रंग राजेन्द्र नरियल लाये,
का रंग पूजन थार,
लाल रंग राजेंद्र नरियल लाये,
लाल रंग पूजन थार,
सिंघ पे चढ़के आ रहीं मैया,
हो रही जय जयकार....
श्रेणी : दुर्गा भजन
सिंघ पे चढ़के आरही मैया हो रही जय जयकार। माता की भेंट,देवी गीत,मंत्र, चलीसा, भगत,देवी भजन,देवी पूजन,
“सिंघ पे चढ़के आ रहीं मैया, हो रही जय जयकार” भजन में माँ दुर्गा के दिव्य आगमन और उनके स्वागत की खुशी को दर्शाया गया है। माँ का शेर पर सवार होकर आना उनकी शक्ति, साहस और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। भक्त माँ के स्वागत के लिए लाल चुनरी, फूलों के हार और सुंदर श्रृंगार की तैयारी करते हैं। भजन में बार-बार लाल रंग का उल्लेख माँ के प्रति प्रेम, शक्ति, शुभता और भक्ति के भाव को प्रकट करता है। माँ के आगमन की कल्पना से भक्तों के मन में उत्साह और श्रद्धा जागती है तथा वातावरण माता रानी के जयकारों से भक्तिमय हो जाता है। 🙏🌹
इस भजन का मुख्य भाव माँ दुर्गा के प्रति प्रेम, विश्वास और समर्पण है। भक्त नारियल और पूजा की थाली लेकर माँ के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं और उनसे सुख, शांति तथा खुशहाली की कामना करते हैं। माँ का स्वागत करना केवल बाहरी सजावट तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने मन में भी पवित्रता, दया और अच्छे विचारों को स्थान देना है। यह भजन हमें याद दिलाता है कि माँ दुर्गा शक्ति और साहस की प्रतीक हैं, इसलिए हमें जीवन की कठिनाइयों का सामना हिम्मत और विश्वास के साथ करना चाहिए। आइए, प्रेमपूर्वक माँ के जयकारे लगाएँ और प्रार्थना करें कि माता रानी सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। बोलो सच्चे दरबार की जय! जय माता दी! 🙏🌺