बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी
बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी,
छुटे कभी ना हमसे भक्ति तुम्हारी,
भक्ति में तेरी ऐसा नशा हैं,
जब से चढ़ा है मजा ही मजा हैं,
उतरे कभी ना अब ये नशे की खुमारी,
बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी,
तेरे दरस के प्यासे नैना,
दरस बिना कहीं पाए ना चेना,
दर्शन दे दो अब तो मुरारी,
बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी,
नैया हमारी तुम्हारे सहारे,
तुम ही लगा दो मोहन इसको किनारे,
डूबे कभी ना अब ये नैया हमारी,
बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी,
भक्ति की हमको लगन लगा दो,
भजनों की हमको लत ये लगा दो,
छुटे कभी ना हमसे लत ये तुम्हारी,
बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी.
Bhajan Lyrics & Voice - Jay Prakash Verma, Indore
श्रेणी : कृष्ण भजन
बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी (बांके बिहारी से एक विनती भजन) #bankebihari #krishna #krishnabhajan
यह कृष्ण भजन बाँके बिहारी जी के चरणों में की गई एक सच्चे भक्त की हृदयस्पर्शी विनती को अत्यंत सरल और मधुर भाव में प्रस्तुत करता है। इस भजन के गीतकार एवं गायक जय प्रकाश वर्मा, इंदौर हैं। भजन में भक्त प्रार्थना करता है कि उसकी भक्ति कभी छूटे नहीं और बाँके बिहारी की भक्ति का नशा जीवन भर बना रहे। दर्शन की तीव्र लालसा, जीवन-नैया को प्रभु के सहारे किनारे लगाने की कामना और भजनों में रम जाने की भावना इस भजन को विशेष बनाती है। यह भजन श्रोता के मन में गहरी श्रद्धा, शांति और कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम का भाव जाग्रत करता है तथा यह संदेश देता है कि सच्ची भक्ति ही जीवन का सबसे बड़ा सहारा है।
राधे राधे 🙏🙏
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