राधा रानी झूले पालना
झूले पलना जी झूले पलना राधा रानी देखो झूले पलना,
झूले पलना जी झूले पलना राधा रानी देखो झूले पलना,
मैया कीर्ति सजाए पलना,
राधा रानी झूले पलना..,
मैया कीर्ति सजाए पलना,
राधा रानी झूले पलना....,
मैया कीर्ति सजाए पलना,
राधा रानी झूले पलना..,
मैया कीर्ति सजाए पलना,
राधा रानी झूले पलना....,
झूले पलना जी झूले पलना,
राधा रानी देखो झूले पलना..,
झूले पलना जी झूले पलना,
राधा रानी देखो झूले पलना,
मैया कीर्ति सजाए पलना,
राधा रानी झूले पलना..,
मैया कीर्ति सजाए पलना,
राधा रानी झूले पलना....,
ब्रह्म लोक से ब्रह्मा जी आए.,
ब्रह्म लोक से ब्रह्मा जी आए,
ब्रह्मा जी आए संग ब्रह्माणी को लाए,
ब्रह्माणी झुलावे पलना,
राधा रानी झूले पलना.,
ब्रह्माणी झुलावे पलना,
राधा रानी झूले पलना,
मैया कीर्ति सजाए पलना,
राधा रानी झूले पलना.,
मैया कीर्ति सजाए पलना,
राधा रानी झूले पलना.,
झूले पलना जी झूले पलना,
राधा रानी देखो झूले पलना,
झूले पलना जी झूले पलना,
राधा रानी देखो झूले पलना.,
मुक्ति धाम से विष्णु जी आए,
मुक्ति धाम से विष्णु जी आए,
विष्णु जी आए संग लक्ष्मी जी को लाए,
विष्णु जी आए संग लक्ष्मी जी को लाए,
लक्ष्मी मैया झुलावे पलना,
राधा रानी झूले पलना,
लक्ष्मी मैया झुलावे पलना,
राधा रानी झूले पलना,
मैया कीर्ति सजाए पलना,
राधा रानी झूले पलना,
मैया कीर्ति सजाए पलना,
राधा रानी झूले पलना,
झूले पलना जी झूले पलना,
राधा रानी देखो झूले पलना,
झूले पलना जी झूले पलना,
राधा रानी देखो झूले पलना,
कैलाश पर्वत से भोले जी आए,
कैलाश पर्वत से भोले जी आए,
भोले जी आए संग गौरा जी को लाए,
भोले जी आए संग गौरा जी को लाए,
गौरा मैया झुलावे पलना,
राधा रानी झूले पलना,
गौरा मैया झुलावे पलना,
राधा रानी झूले पलना,
मैया कीर्ति सजाए पलना,
राधा रानी झूले पलना,
मैया कीर्ति सजाए पलना,
राधा रानी झूले पलना,
झूले पलना जी झूले पलना,
राधा रानी देखो झूले पलना,
झूले पलना जी झूले पलना,
राधा रानी देखो झूले पलना,
अवधपुरी से राम जी आए,
अवधपुरी से राम जी आए,
राम जी आए संग सीता जी को लाए,
राम जी आए संग सीता जी को लाए,
सीता मैया झुलावे पलना,
राधा रानी झूले पलना,
सीता मैया झुलावे पलना,
राधा रानी झूले पलना,
मैया कीर्ति सजाए पलना,
राधा रानी झूले पलना,
मैया कीर्ति सजाए पलना,
राधा रानी झूले पलना,
झूले पलना जी झूले पलना,
राधा रानी देखो झूले पलना,
झूले पलना जी झूले पलना,
राधा रानी देखो झूले पलना,
श्रेणी : कृष्ण भजन
Radha Bhajan||राधा रानी झूले पालना || Maiya Kirti Sajaye Palna || Radha Rani Bhajan 2026
यह भजन राधा रानी के बाल रूप और उनके झूला उत्सव का अत्यंत मधुर वर्णन करता है। “राधा रानी झूले पालना” एक लोक-भक्ति शैली का कृष्ण-राधा भजन है, जिसे विशेष रूप से झूला उत्सव, जन्मोत्सव और ब्रज की भक्ति परंपरा में गाया जाता है। इसके रचयिता के बारे में निश्चित जानकारी उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे पारंपरिक भक्ति लोकगीत माना जाता है।
इस भजन का मुख्य भाव “वात्सल्य रस और उत्सव भक्ति” है। इसमें राधा रानी को एक दिव्य बालिका के रूप में दिखाया गया है, जिन्हें उनकी माता कीर्ति माता स्नेहपूर्वक पालने में झुला रही हैं। “मैया कीर्ति सजाए पलना” पंक्ति मातृत्व प्रेम, स्नेह और आनंद का सुंदर चित्र प्रस्तुत करती है।
भजन की सबसे विशेष बात यह है कि इसमें विभिन्न लोकों और धामों से देवी-देवताओं का राधा रानी के दर्शन और झूला झुलाने के लिए आगमन दिखाया गया है। इसमें ब्रह्मा, विष्णु, लक्ष्मी, शिव, पार्वती, राम और सीता का उल्लेख है। इससे यह संदेश मिलता है कि राधा रानी का स्थान अत्यंत दिव्य और पूजनीय है, जिनके दर्शन के लिए स्वयं देवता भी आते हैं।
भजन में बार-बार “झूले पलना” का दोहराव उत्सव, आनंद और भक्ति की लय को दर्शाता है। यह केवल एक झूला गीत नहीं, बल्कि राधा रानी की महिमा और उनके प्रति प्रेमपूर्ण श्रद्धा का उत्सव है।
कुल मिलाकर, यह भजन ब्रज संस्कृति, वात्सल्य प्रेम, और देवी-देवताओं की सामूहिक उपस्थिति के माध्यम से राधा रानी की दिव्यता और भक्ति-आनंद को प्रकट करता है।