श्री श्याम स्तुति
श्याम हैं सुन्दर, श्याम हैं प्यारे,
हारे हुए के, श्याम सहारे,
जो भी श्याम को, दिल से पुकारे,
उसके बन जाते हैं सहारे,
श्याम के सिर पर, मोर मुकुट हैं,
श्याम के हाथो में, मुरली हैं,
श्याम के गले में, वैजयंती माला,
श्याम सुन्दर का, रूप निराला,
मुरली मनोहर, कृष्ण कन्हैया,
श्याम हैं सारे, जग के खिवय्या,
श्याम हैं सबके, जीवन दाता,
श्याम हैं सबके, भाग्य विधाता,
श्याम शरण में, जो भी जाते,
खाली हाथ ना, वापस आते,
सबकी झोली, श्याम हैं भरते,
सबकी इच्छा, पूरी करते,
श्याम की महिमा, जो भी गाते,
श्याम की भक्ति, वो पा जाते,
श्याम कृपा, करते हैं जिसपे,
भवसागर से वो तर जाते,
।। जय श्री श्याम ।। राधे राधे ।।
Lyric - Jay Prakash Verma, Indore
श्रेणी : खाटू श्याम भजन
श्री श्याम स्तुति 2026 । श्याम हैं सुंदर, श्याम हैं प्यारे । हारे हुए के श्याम सहारे । #shyamstuti
यह “श्री श्याम स्तुति” भगवान खाटू श्याम की महिमा का गुणगान करने वाली एक भावपूर्ण स्तुति है। खाटू श्याम जी को श्री कृष्ण का कलयुग अवतार माना जाता है, और भक्त उन्हें “हारे का सहारा” कहकर पुकारते हैं। इस स्तुति के बोल Jay Prakash Verma द्वारा लिखे गए बताए जाते हैं। यह आधुनिक भक्ति शैली की रचना है, लेकिन इसकी भावना पारंपरिक कृष्ण-भक्ति और श्याम भक्ति से गहराई से जुड़ी हुई है।
इस स्तुति का मुख्य भाव “श्रद्धा, आश्रय और कृपा” है। शुरुआत में श्याम को सुंदर, प्यारे और हारे हुए लोगों का सहारा बताया गया है। “जो भी श्याम को दिल से पुकारे, उसके बन जाते हैं सहारे” पंक्ति यह विश्वास प्रकट करती है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती।
स्तुति में श्याम के स्वरूप का भी सुंदर वर्णन है—मोर मुकुट, मुरली और वैजयंती माला। यह वर्णन सीधे कृष्ण स्वरूप की याद दिलाता है और भक्त के मन में दिव्य छवि उत्पन्न करता है। “मुरली मनोहर कृष्ण कन्हैया” और “जग के खिवय्या” जैसी पंक्तियाँ भगवान को जीवन की नैया पार लगाने वाले मार्गदर्शक के रूप में प्रस्तुत करती हैं।
“श्याम शरण में जो भी जाते, खाली हाथ ना वापस आते” पंक्ति शरणागति और कृपा के भाव को दर्शाती है। यहाँ यह विश्वास व्यक्त किया गया है कि श्याम अपने भक्तों की झोली भरते हैं और उनकी मनोकामनाएँ पूरी करते हैं। अंत में “भवसागर से वो तर जाते” के माध्यम से यह बताया गया है कि श्याम की कृपा से मनुष्य जन्म-मरण और दुखों के सागर से मुक्ति पा सकता है।
कुल मिलाकर, यह स्तुति भगवान श्याम के प्रति प्रेम, विश्वास और पूर्ण समर्पण का संदेश देती है। इसमें भक्त को यह प्रेरणा मिलती है कि यदि वह सच्चे मन से श्याम की भक्ति करे, तो जीवन के हर संकट में उसे सहारा और मार्गदर्शन मिलेगा।