जो हार गया इस दुनिया से तू उसे जिताता है
हर मुश्किल में बाबा जो तेरा नाम ध्याता है,
जो हार गया इस दुनिया से तू उसे जिताता है,
हर विपदा में श्याम धणी तेरे दर से मेरी बात बानी,
जब डोले मेरी नैया तू मांझी बन जाता है,
जो हार गया इस दुनिया से तू उसे जिताता है,
हारे का तू ही सहारा है तू सच्चा साथी हमारा है,
जो बिगड़ गई मेरी बात श्याम तू उसे बनाता है,
जो हार गया इस दुनिया से तू उसे जिताता है,
प्रेमी करे गुणगान तुम्हारा, गगन लिखे जब भजन तिहारा,
जिसका हो सहारा श्याम धणी उसे सब मिल जाता है,
जो हार गया इस दुनिया से तू उसे जिताता है,
श्रेणी : खाटू श्याम भजन
Shyam Bhajan | जो हार गया इस दुनिया से तू उसे जिताता है | Jo Haar Gaya Is Duniya Se | Shivam Premi
यह भजन भगवान खाटू श्याम की करुणा, संरक्षण और “हारे का सहारा” स्वरूप का अत्यंत भावपूर्ण गुणगान करता है। “जो हार गया इस दुनिया से, तू उसे जिताता है” एक लोकप्रिय खाटू श्याम भजन है, जिसके मूल रचयिता की प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह भजन श्याम भक्तों के बीच विशेष रूप से इसलिए प्रिय है क्योंकि इसमें जीवन के संघर्षों के बीच भगवान पर अटूट विश्वास का संदेश दिया गया है।
इस भजन का मुख्य भाव विश्वास, आश्रय और ईश्वर की कृपा से निराशा को आशा में बदलने का संदेश है। भजन की पहली ही पंक्ति—“हर मुश्किल में बाबा जो तेरा नाम ध्याता है”—यह बताती है कि जो भक्त कठिन समय में भी श्याम बाबा का स्मरण करता है, उसे मानसिक शक्ति, धैर्य और आगे बढ़ने का साहस मिलता है। “जो हार गया इस दुनिया से, तू उसे जिताता है” का अर्थ केवल सांसारिक सफलता नहीं, बल्कि टूटे हुए मन को नई आशा, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक संबल मिलना भी है।
भजन में “जब डोले मेरी नैया, तू मांझी बन जाता है” जैसी पंक्तियाँ जीवन को एक नाव और भगवान को उसके कुशल नाविक के रूप में प्रस्तुत करती हैं। यह भारतीय भक्ति साहित्य का एक प्रसिद्ध प्रतीक है, जिसमें जीवन रूपी भवसागर से पार लगाने वाले परम सहायक के रूप में ईश्वर का वर्णन किया जाता है।
“हारे का तू ही सहारा है” पंक्ति खाटू श्याम जी की सबसे प्रसिद्ध मान्यता को व्यक्त करती है। भक्त विश्वास करता है कि जब संसार के सभी सहारे छूट जाते हैं, तब भी श्याम बाबा अपने भक्त का साथ नहीं छोड़ते। वे बिगड़े हुए कार्यों को सँवारने, निराश मन को संभालने और कठिन परिस्थितियों में मार्गदर्शन देने वाले दयालु प्रभु हैं।
अंतिम अंतरे में भजनकार बताता है कि जो व्यक्ति प्रेम और श्रद्धा से श्याम बाबा का गुणगान करता है तथा उन्हें अपना सच्चा सहारा मानता है, उसके जीवन में ईश्वर की कृपा बनी रहती है। यहाँ “सब मिल जाता है” का आशय केवल भौतिक सुखों से नहीं, बल्कि मन की शांति, विश्वास, संतोष और आध्यात्मिक आनंद से भी है।
कुल मिलाकर, यह भजन भगवान खाटू श्याम के प्रति अटूट श्रद्धा, धैर्य और समर्पण का प्रेरणादायक चित्रण है। इसका संदेश है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएँ, यदि मनुष्य विश्वास के साथ भगवान का स्मरण करता रहे, तो उसे संघर्षों से लड़ने की शक्ति, सही मार्ग और अंततः ईश्वर की कृपा का अनुभव अवश्य होता है।