कलयुग में देव महान
जय जय जय श्री श्याम, जय जय जय श्री श्याम,
जय जय जय श्री श्याम, जय जय जय श्री श्याम,
चक्र सुदर्शन धारी से जिसने पाया वरदान,
जिनसे पाया वरदान ..........
जय जय जय श्री श्याम, जय जय जय श्री श्याम,
कलयुग में देव महान, कलयुग में देव महान,
मेरे सांवरिया मेरे श्याम,
मेरे सर्वेश्वर मेरे श्याम ......2
माँगा जब माधव ने शीश का दान दिया,
हारे का साथी बन जग कल्याण किया,
जग कल्याण किया.........
मुरली मनोहर ने खुश होकर दे दिया अपना नाम,
दे दिया अपना नाम ..........
जय जय जय श्री श्याम, जय जय जय श्री श्याम,
कलयुग में देव महान, कलयुग में देव महान,
दाता दयालु की किरपा में फेर नहीं,
देर होती है लेकिन यहाँ अंधेर नहीं,
यहाँ कोई फेर नहीं ........
सचिन कहीं पे हुए नहीं जो, यहाँ हुए वो काम,
यहाँ हुए वो काम ...........
जय जय जय श्री श्याम, जय जय जय श्री श्याम,
कलयुग में देव महान, कलयुग में देव महान,
मेरे सांवरिया मेरे श्याम,
मेरे सर्वेश्वर मेरे श्याम ......2
श्रेणी : खाटू श्याम भजन
Kalyug Mein Dev Mahan -Jai Jai Jai Shree Shyam | Khatu Shyam Bhajan | Ashu Verma | Official Video
यह “कलयुग में देव महान” एक प्रसिद्ध खाटू श्याम जी को समर्पित भक्ति भजन है। इस भजन में बाबा श्याम को कलयुग के महान देव और हारे के सहारे के रूप में श्रद्धा से याद किया गया है। भजन की शुरुआत “जय जय जय श्री श्याम” के जयकारे से होती है, जो भक्त के मन में बाबा श्याम के प्रति श्रद्धा और विश्वास को प्रकट करता है। इसमें महाभारत से जुड़ी मान्यता का उल्लेख मिलता है कि बर्बरीक ने भगवान श्री कृष्ण के कहने पर अपने शीश का दान किया था और उनके इस महान त्याग से प्रसन्न होकर श्री कृष्ण ने उन्हें कलयुग में अपने नाम “श्याम” से पूजे जाने का वरदान दिया। इसी कारण भक्त बाबा श्याम को कलयुग का देव महान और हारे हुए लोगों का सहारा मानते हैं।
इस भजन का मुख्य भाव श्रद्धा, समर्पण, विश्वास और करुणा है। भक्त बाबा श्याम को “मेरे सांवरिया”, “मेरे श्याम” और “मेरे सर्वेश्वर” कहकर अपने हृदय के सबसे करीब मानता है। भजन में यह विश्वास व्यक्त किया गया है कि बाबा श्याम सच्चे मन से पुकारने वाले भक्तों की सहायता करते हैं और उनकी कृपा से असंभव कार्य भी संभव हो सकते हैं। “देर होती है लेकिन यहाँ अंधेर नहीं” जैसी पंक्तियाँ भक्त के अटूट विश्वास को दर्शाती हैं कि बाबा श्याम के दरबार में न्याय और कृपा अवश्य मिलती है।