श्याम के दर से आया बुलावा
श्याम के दर से आया बुलावा,
दर्शन कर लो झोलियाँ भर लो,
श्याम के दर से आया बुलावा.....
भरता है झोली सभी की वो खाली,
देता सभी को है वो सहारा,
पल में सँवारे पल में उबारे,,
कैसा नसीबा हो होता हमारा,
श्याम के दर से आया बुलावा.....
श्याम सलोना छवि बड़ी न्यारी,
चरणों पे तेरे जाएँ बलिहारी,
तेरा दरस जिसने भी पाया,
उसको तुमने भाव से तारा,
श्याम के दर से आया बुलावा.....
मुख पर मेरे प्रभु नाम तेरा हो,
सुबह और शाम यही काम मेरा हो,
करू तेरी सेवा हर घडी हर पल,
हर मुश्किल का है तुमसे ही हल,
श्याम के दर से आया बुलावा.....
श्रेणी : खाटू श्याम भजन
Shyam Baba Ne Bulaya | श्याम के दर से आया बुलावा- दर्शन कर लो झोलियाँ भर लो | Kumaar Mukesh
यह “श्याम के दर से आया बुलावा” एक भावपूर्ण खाटू श्याम भजन है, जिसमें बाबा श्याम के पवित्र दरबार से मिलने वाले बुलावे और उनके दर्शन की महिमा का वर्णन किया गया है। भजन में भक्तों को बाबा श्याम के दरबार में जाकर उनके दर्शन करने और अपनी श्रद्धा की झोली भरने के लिए प्रेरित किया गया है। भक्त का विश्वास है कि बाबा श्याम के दरबार में आने वाले किसी भी भक्त को निराश नहीं लौटना पड़ता और वे सभी के जीवन में सहारा, आशा और कृपा प्रदान करते हैं। “पल में सँवारे, पल में उबारे” जैसी पंक्तियाँ बाबा श्याम के प्रति भक्त के अटूट विश्वास को दर्शाती हैं।
इस भजन का मुख्य भाव श्रद्धा, समर्पण, सेवा और बाबा श्याम की कृपा पर अटूट विश्वास है। इसमें बाबा श्याम की सुंदर छवि और उनके चरणों के प्रति भक्त की गहरी श्रद्धा को व्यक्त किया गया है। भक्त मानता है कि जिसने भी सच्चे भाव से बाबा के दर्शन किए, बाबा ने उसका जीवन संवारा और उसे कठिनाइयों से पार लगाने में सहायता की। भजन की अंतिम पंक्तियों में भक्त अपने जीवन की एक सुंदर इच्छा व्यक्त करता है कि उसके मुख पर हमेशा प्रभु का नाम रहे, सुबह-शाम उसका स्मरण हो और वह हर समय बाबा श्याम की सेवा और भक्ति में लगा रहे। “हर मुश्किल का है तुमसे ही हल” पंक्ति बाबा श्याम को भक्त के जीवन का सबसे बड़ा सहारा मानने के भाव को प्रकट करती है।
यह भजन मुख्य रूप से खाटू श्याम जी की भक्ति और उनके पवित्र दरबार की महिमा से जुड़ा हुआ है। भजन में “श्याम के दर से आया बुलावा” का भाव भक्तों के बीच प्रचलित उस आध्यात्मिक विश्वास को दर्शाता है कि जब बाबा श्याम की कृपा होती है, तभी भक्त को उनके धाम के दर्शन का अवसर प्राप्त होता है। इस कारण बाबा के दरबार में पहुंचना भक्त के लिए सौभाग्य और कृपा का प्रतीक माना जाता है।